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ग्रेजुएशन कितने साल का होता है : ग्रेजुएशन करने के फायदे व इसे कैसे करे

वर्तमान समय में इंटरनेट पर जानकारियां खोजी जा रही है कि आखिर में graduation kitne saal Ka hota Hai. अगर आपको भी इसके बारे में जानकारी हासिल नहीं है और यदि आप जानकारी को हासिल करना चाहते हैं तो ऐसे में आप एकदम सही लेख पर मौजूद है ग्रेजुएशन से संबंधित इस लेख के अंतर्गत आज हम graduation की ही जानकारी को जानेंगे। 

जब विद्यार्थियों के द्वारा अपनी 12वीं कक्षा पास कर ली जाती है तो उसके बाद विद्यार्थियों के द्वारा आगे की पढ़ाई के लिए ग्रेजुएशन किया जाता है ग्रेजुएशन से संबंधित जानकारियां लगभग सभी विद्यार्थियों के पास रहती है, 

लेकिन आज इस लेख के अंतर्गत हम ग्रेजुएशन संबंधित संपूर्ण महत्वपूर्ण जानकारी को जानने की कोशिश करेंगे जिससे कि आपको ग्रेजुएशन के बारे में अच्छी जानकारी हासिल हो जाएगी चलिए आज की जानकारी को शुरू करते हैं 


ग्रेजुएशन कितने साल का होता है : ग्रेजुएशन करने के फायदे व इसे कैसे करे

ग्रेजुएशन कितने साल का होता है? 

ग्रेजुएशन कोर्स की अवधि अलग-अलग होती है ग्रेजुएशन करने में लगने वाला समय 3 वर्ष से लेकर 5 वर्ष तक का होता है सामान्य ग्रेजुएशन जिसके अंतर्गत BSC, BCom  तथा BA है यह ग्रेजुएशन कोर्स 3 साल का होता हैं।। 

वही प्रोफेशनल ग्रेजुएशन कोर्स जैसे की B.tech यह ग्रेजुएशन कोर्स 4 साल का है, एमबीबीएस कोर्स 5 साल का ग्रेजुएशन कोर्स है। ग्रेजुएशन कितने साल का होता है यह आपने जान लिया है लेकिन ग्रेजुएशन आपके लिए कितना साल का होगा यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आखिर में आप ग्रेजुएशन में कौन सा कोर्स करना चाहते हैं। 

जैसा की अधिकतम विद्यार्थियों के द्वारा सामान्य ग्रेजुएशन कोर्स किया जाता है जिसमें  और इस ग्रेजुएशन कोर्स को किए जाने में लगने वाला समय 3 वर्ष का होता है। वही जो भी विद्यार्थी इंजीनियर की क्षेत्र में आगे की पढ़ाई करते हैं उनके लिए वह अंडर ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेते हैं, 

जैसे कि बीटेक और इस कोर्स का समय 4 वर्ष का होता है। वहीं जिन विद्यार्थियों की रुचि मेडिकल क्षेत्र के अंतर्गत होती है वह मेडिकल साइंस के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नीट की परीक्षा में सफल हो जाने के बाद एमबीबीएस कोर्स के लिए एडमिशन लेते हैं जो की अंडरग्रैजुएट कोर्स होता है और इस कोर्स में लगने वाला समय 5.5 वर्ष का रहता है। इस समय में इंटर्नशिप भी शामिल है। 

3 साल के ग्रेजुएशन कोर्स 


हमारे भारत देश के अंतर्गत अनेक कॉलेज है जहां से ग्रेजुएशन कोर्स किया जा सकते हैं ग्रेजुएशन के लिए अलग-अलग कोर्स ऑफर किए जाते हैं जिनमें से उम्मीदवार अपने मनपसंद कोर्स का चुनाव करके ग्रेजुएशन कंप्लीट करते हैं। 3 साल के जो ग्रेजुएट कोर्स होते हैं उनके अंतर्गत अच्छे-अच्छे महीने के 6 सेमेस्टर होते हैं और लगभग सभी कॉलेजों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई सेमेस्टर वाइज ही कराई जाती है। 

जब विद्यार्थी के द्वारा सभी सेमेस्टर की परीक्षाएं पास कर ली जाती है तो ऐसी स्थिति में उसे ग्रेजुएशन डिग्री प्रदान कर दी जाती है। ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद अनेक उम्मीदवार पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स करते हैं। 

4 साल के ग्रेजुएशन कोर्स 


4 साल के ग्रेजुएशन कोर्स के बारे में अगर हम बात करें तो इसमें B.tech, जैसे और भी अनेक अंडरग्रैजुएट लेवल के कोर्स होते हैं। इन ग्रेजुएशन कोर्स के अंतर्गत 8 सेमेस्टर रहते हैं तथा विद्यार्थी को प्रत्येक सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होना होता है ग्रेजुएशन कोर्स की तुलना में अंडर ग्रेजुएशन कोर्स में अत्यधिक सिलेबस होता है अत्यधिक जानकारियां अध्ययन करने को मिलती है। अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए प्रतिवर्ष लाखों विद्यार्थियों के द्वारा एडमिशन लिया जाता है तथा सफलतापूर्वक कोर्स को पूरा किया जाता है। 

5 साल के ग्रेजुएशन कोर्स 

मेडिकल क्षेत्र के अंतर्गत अंडर ग्रेजुएट कोर्स में सबसे प्रसिद्ध नाम एमबीबीएस कोर्स का ही आता है और प्रतिवर्ष अनेक विद्यार्थियों के द्वारा इस कोर्स के लिए एडमिशन लिया जाता है इस कोर्स की तरह ही अनेक कोर्स है जिन्हें पूरा करने में लगने वाला समय लगभग 5 साल तक का होता है।

ऊपर बताए गए कोर्स के लेवल की तरह ही इन कोर्स का लेवल भी अंडर ग्रेजुएट लेवल का ही रहता है। एमबीबीएस कोर्स के अंतर्गत इंटर्नशिप भी शामिल रहती है तो यह कोर्स 5 वर्ष से कुछ अत्यधिक महीना का हो जाता हैं इस कोर्स को लेकर जानकारी है कि यह कोर्स इंटर्नशिप के साथ 5 साल और 5 महीनों रहता है। 

ग्रेजुएशन के लिए योग्यता 

अनेक उम्मीदवार ग्रेजुएशन कोर्स की डिग्री हासिल करना चाहते हैं उनके लिए जानकारी है कि सबसे पहले उन्हें न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को पूरा करना होगा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत उन्हें 12वीं कक्षा को पास करना है। इसके बाद में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जा सकती है,
 
हालांकि इस बात का भी विशेष ध्यान रखें की अनेक कॉलेज तथा यूनिवर्सिटी के द्वारा आयोजित एंट्रेंस एग्जाम में सफलता हासिल करने पर ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए एडमिशन प्रदान किया जाता है। 

जो भी विद्यार्थी अंडर ग्रेजुएट कोर्स के अंतर्गत एडमिशन लेने की इच्छा रखते हैं उन्हें एडमिशन लेने के लिए आईआईटी जी मैंस एक्जाम क्लियर करने की आवश्यकता रहती है। और यदि विद्यार्थी मेडिकल क्षेत्र से जुड़े एमबीबीएस व बीडीएस ग्रेजुएशन कोर्स को करना चाहे तो ऐसे में उन्हें एडमिशन को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले नीट के एग्जाम में सफलता हासिल करनी होती हैं। 

आपकी जानकारी के लिए बता दे की सामान्य तौर पर स्टेट लेवल के यूनिवर्सिटी, विद्यार्थियों को एडमिशन उनके 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही दे दिया जाता है। लेकिन दूसरी तरफ अनेक ऐसे कॉलेज भी होते हैं जो की एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन करते हैं। 

विद्यार्थी के द्वारा ऑल इंडिया लेवल पर आयोजित किए जाने वाले एंट्रेंस एग्जाम में भी भाग लिया जाता है। भाग लेने वाले विद्यार्थियों में से अनेक सारे विद्यार्थी सफलता भी हासिल करते हैं तथा एडमिशन को प्राप्त करते हैं। 

ग्रेजुएशन करने से मिलने वाले फायदे 


जब विद्यार्थियों के द्वारा अपनी 12वीं कक्षा को उत्तीर्ण कर लिया जाता है तो उसके बाद में विद्यार्थियों के पास सबसे लोकप्रिय तरीका ग्रेजुएशन का ही होता है कि वह ग्रेजुएशन डिग्री हासिल कर ले ग्रेजुएशन डिग्री हासिल करने पर विद्यार्थियों के लिए सरकारी नौकरी प्राप्त करने के अवसर बढ़ जाते हैं। विद्यार्थियों के पास यह डिग्री आ जाती है तो उसके बाद में विद्यार्थी के पास अनेक अवसर सरकारी नौकरी को प्राप्त करने के लिए आते रहते हैं। 

12वीं कक्षा से उच्च स्तर की पढ़ाई ग्रेजुएशन के अंतर्गत ही अध्ययन करने को मिलती है तो इससे विद्यार्थी के ज्ञान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है ग्रेजुएशन डिग्री को करने पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। 

मास्टर डिग्री को हासिल करने के लिए शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत ग्रेजुएशन डिग्री की मांग की जाती है वैसे में वहां पर भी ग्रेजुएशन काम आता है सरकारी नौकरी हो या फिर प्राइवेट नौकरी दोनों के लिए ही ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद आवेदन किया जा सकता है कोई भी विद्यार्थी योग्यता को पूरा करके ग्रेजुएशन कोर्स कर सकते हैं यानी कि ग्रेजुएशन के अनेक सारे फायदे हैं। 

FAQ 

Q.1 = ग्रेजुएशन कौन सी क्लास होती है? 

Ans = ग्रेजुएशन एक प्रकार का डिग्री कोर्स होता है जिसे हम बैचलर डिग्री के नाम से भी जानते हैं। ग्रेजुएशन कोर्स एक प्रकार का प्रोफेशनल कोर्स होता है इस कोर्स को करने के पश्चात मास्टर डिग्री भी हासिल की जा सकती है। 

Q.2 = क्या सरकारी नौकरी को प्राप्त करने के लिए ग्रेजुएशन को कंप्लीट करना होता है? 

Ans = कुछ सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन आप कक्षा दसवीं पास करने के बाद कर सकते हैं वहीं कुछ सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के लिए आपको 12वीं कक्षा का पास करना होता है। और अगर हम ग्रेजुएशन की बात करें तो अनेक ऐसी नौकरियां हैं जिनके लिए हमें ग्रेजुएशन कंप्लीट करने की आवश्यकता होती। 

Q.3 = ग्रेजुएशन कोर्स कब किया जाता है? 

Ans = जब आप अपनी 12th कक्षा पास कर लेते हैं तो उसके बाद आप ग्रेजुएशन कोर्स कर सकते हैं। अनेक विद्यार्थियों के द्वारा अपनी 12वीं कक्षा को पास करने के बाद ही ग्रेजुएशन का कोर्स किया जाता है। वहीं कुछ विद्यार्थी 12वीं कक्षा पास करने के बाद कुछ सालों के बाद में ग्रेजुएशन कंप्लीट करते हैं। 

निष्कर्ष 

ग्रेजुएशन कितने साल का होता है? से संबंधित जानकारी आपने जान ली हैं। यदि ग्रेजुएशन को लेकर आपके मन में किसी भी प्रकार का कोई प्रश्न उठ रहा है और यदि आप चाहते हैं कि आपको अपने उसे प्रश्न का जवाब भी मिले तो ऐसे में ग्रेजुएशन से संबंधित कोई भी सवाल आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर पूछे। 

वही हम उम्मीद करते हैं कि ग्रेजुएशन की यह जानकारी आपको जरूर अच्छी लगी होगी और जरूर आज आपने ग्रेजुएशन से संबंधित कुछ नवीनतम जानकारी जानी होगी। 

ग्रेजुएशन की तरह ही अन्य एजुकेशन से संबंधित जानकारियां आपको इस वेबसाइट पर देखने को मिलती रहेगी ऐसे में आप इन जानकारी को जानने के लिए हमारी इस वेबसाइट को जरूर ध्यान में रखें तथा एजुकेशन से संबंधित अन्य जानकारी को जानने के लिए आप हमारी इस वेबसाइट पर आ सकते हैं। ग्रेजुएशन की जानकारी से अगर आपको कुछ भी सीखने को मिला है तो ऐसे में यह जानकारी आपको अपने अन्य मित्रों के साथ भी जरूर शेयर करनी चाहिए।


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