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नीति आयोग क्या है व इसके कार्य, उद्देश्य क्या हैं? : नीति आयोग की संरचना, गठन व रिपोर्ट

नीति आयोग ने शून्य-प्रदूषण करने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के लिये रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर एक पहल शुरू की है। 

इस पहल का मकसद है शहरी क्षेत्रों में वाहनों द्वारा होने वाली डिलीवरी(आना-जाना) के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों(E - Vehicle) को अपनाने में तेजी लाने के लिये प्रेरित करना।

साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदों के बारे में जनता के बीच जागरूता फैलाना।

इस अभियान के शुरूआत में ही टाटा मोटर्स, महिंद्रा इलेक्ट्रिक, जोमैटो जैसी 30 अन्य कम्पनियों ने इस पहल का समर्थन करते हुए नीति आयोग की बैठक में भाग लिया व भविष्य में अन्य कम्पनियों को भी इस पहल के साथ जोड़ने की योजना है।

इस अभियान के ही एक हिस्से के रूप में Corporate Branding और सत्यापन संबंधी एक कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है जिसका उद्देश्य है इलेक्ट्रिक वाहनों(E-Vehicle) को अपनाने की दिशा में मान्यता देना व उन्हें बढ़ावा देना।

साथ ही एक ऑनलाइन Tracking Platform इलेक्ट्रिक वाहनों में कार्बन कम करने से जो बचत होगी, प्रदूषण कम करने से जो बचत होगी व इलेक्ट्रिक वाहनों से होने वाले अन्य फायदों के माध्यम से इस अभियान के प्रभावों को शेयर करेगा।

तथा इस अभियान के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों से होने वाले स्वस्थ्य संबंधी, पर्यावरण संबंधी व आर्थिक लाभों के बारे में जागरूकता फैलायेगा।

NITI Aayog in hindi :

कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा बी. वी. आर. सुब्रहण्यम को निति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी(CEO) नियुक्त किया गया है | 

पूर्व IAS अधिकारी बी. वी. आर. सुब्रहण्यम की नियुक्ति 2 वर्ष के लिए की गई है (कार्यभार ग्रहण करने से)।  

उनकी नियुक्ति परमेश्वरन अय्यर के स्थान पर की गई है तथा परमेश्वरन अय्यर को 3 साल के लिए विश्व बैंक का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है व अय्यर आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर का स्थान लेंगे।

बी. वी. आर. सुब्रहण्यम कौन है : सुब्रहण्यम 1987 बैच के IAS अधिकारी हैं, इन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से प्रबंधन की डिग्री हासिल की है।

ये 2018 में जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव नियुक्त किए गए थे और ये तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निजी सचिव के पद पर 2004 से 2008 तक रहे।

फिर इन्होंने 2012 से 2015 तक PMO( प्रधानमंत्री कार्यालय) में कार्यभार संभाला।

ये वाणिज्य & उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य सचिव रहे।

नीति आयोग की पृष्ठभूमि-

जब हम आजाद हुए और हमारा संविधान बनता है, इस संविधान में एक व्यवस्था बनी जिसका नाम है संघीय व्यवस्था। संघीय व्यवस्था में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार होते हैं। इस व्यवस्था में यह उम्मीद की गयी कि दोनों एक दूसरे के सहयोग से काम करेंगे। 

साथ ही 7वीं अनुसूची में विषयों का बंटवारा भी कर दिया गया। आजादी के बाद से नये नये राज्य भी बन रहे थे, और उनकी मांगे भी उठ रही थी, 

ऐसे में यह सवाल उत्पन्न हुआ कि केन्द्र और राज्यों के बीच किस तरह से धन का बंटवारा, केन्द्र और राज्यों के बीच सामान्ज्स्य बैठाना, योजनाओं को लागू करना आदि, क्योंकि उस वक्त हमारे पास ऐसी कोई संस्था नहीं थी जो इस तरह केन्द्र और राज्यों के बीच तालमेल बिठा सके।

फिर इसी सवाल को पूरा करने के लिये देश की पहली सरकार द्वारा योजना आयोग का गठन किया गया, योजना आयोग की स्थापना मार्च, 1950 में की गयी, इसको काम दिया गया कि यह केन्द्र और राज्यों के बीच योजनाओं को लागू करें। 

यह पंचवर्षीय योजनाओं के आधार काम करती थी, लेकिन फिर 2014 में एक पूर्ण बहुमत वाली सरकार आती है, इसने सुशासन को बढ़ावा देने के लिये व राज्यों का सही सहयोग पाने के लिये 13 अगस्त 2014 को योजना आयोग को भंग कर दिया और इसके स्थान पर 1 जनवरी, 2015 को नीति आयोग का गठन हुआ। नीति आयोग की स्थापना कार्यकालीय संकल्प के द्वारा हुई यानी केन्द्रीय मत्रिमंडल के द्वारा की गयी। नीति आयोग एक गैर-संवैधानिक निकाय है| 

नीति आयोग क्या है?:- 

साल 1991 में वैश्वीकरण की शुरूआत के बाद भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है, 

जिसमें समावेशी विकास के लिये नई जरूरतों के लिये नई व प्रगतिशील रणनीति की आवश्यकता महसूस हुई और इन्हीं अकांक्षाओं और जरूरतों सही ढंग से पूरा करने के लिये योजना आयोग की जगह नीति आयोग की स्थापना की गई।

जब भारत आजाद हुआ तो उस वक्त USSR की तर्ज पर 1950 में योजना आयोग का गठन हुआ।

 जिसका कार्य योजनाओं का निर्माण करना था लेकिन वर्तमान में सहकारी संघवाद (यानी जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की भूमिका हो) की जरूरत है, क्योंकि जितने भी उद्देश्य हैं उनको केवल केंद्र पूरा नहीं कर सकती,

इसलिए राज्यों के योगदान भी बहुत महत्वपूर्ण है, जैसे बिहार की जो जरूरत है, हो सकता है वह इतनी जरूरत केरल की ना हो,

एवं योजना आयोग में केंद्र की भूमिका रहती थी जब केंद्र और राज्य मिलकर योजना बनाते हैं इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए नीति आयोग की स्थापना की गई।

मोदी सरकार द्वारा 2014 में योजना आयोग को भंग कर इसके स्थान पर नए निकाय की स्थापना की घोषणा की गई।

नीति आयोग (National Institution for Transforming India) की स्थापना 1 जनवरी 2015 को की गई।

नीति आयोग, योजना आयोग की तरह भारत सरकार के कार्यकालीन संकल्प (केंद्रीय मंत्रिमंडल) द्वारा बनाया गया है, 

इसलिए यह ना तो संवैधानिक ( जिसका संविधान में जिक्र ना हो) है, ना ही वैधानिक(  एक्ट द्वारा ना बनाया गया हो) तथा यह एक गैर संवैधानिक या संविधानेतर निकाय हैं।

नीति आयोग भारत सरकार का "थिंक टैंक" है जो निदेशकीय एवं नीतिगत दोनों प्रकार के इनपुट प्रदान करता है तथा यह भारत सरकार के लिए रणनीतिक एवं दीर्घकालीन नीतियों का ड्राफ्ट तैयार करता है एवं केंद्र व राज्य को प्रासंगिक तकनीकी सलाह देता है।

योजना आयोग में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के लिए नीति बना दी जाती थी, जो कि राज्यों का वास्तविक एवं सतत भागीदारी की से अलग रखा जाता था।

योजना आयोग में जिस तरह से राज्यों को परेशानी व संघर्षवादी रुख रहता था जो की नीति आयोग सहयोगात्मक स्थिति में समायोजित करता है ।

क्योंकि देश के विकास के लिए राज्यों का पॉजटिव भागीदारी बहुत जरूरी हो जाता है नीति आयोग में नीतियां "आधार से शीर्ष"(Bottom-up Approach) की तरफ बनती है।


नीति आयोग क्या है  व इसके कार्य, उद्देश्य क्या हैं? : NITI Aayog in hindi  : नीति आयोग की संरचना, गठन व रिपोर्ट


नीति आयोग को क्यों बनाया गया ?:

  • भारत पिछले कई दशकों से राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, टेक्नोलॉजी, जनसांख्यिकी आदि बदलाव से गुजर रहा है तथा इसी दौर में राष्ट्रीय विकास में सरकार की भूमिका भी बदली है।
  • इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए जनता की आवश्यकता व आकांक्षाओं की पूर्ति बेहतर ढंग से करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने योजना आयोग को बदलकर नीति आयोग की स्थापना की है।
  • नीति आयोग निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है नई संस्था विकासात्मक प्रक्रिया के लिए भारत सरकार के सीमित दायरे से बाहर जाकर विकास के प्रति एक समग्र दृष्टि अपनाते हुए एक सामर्थ्य पूर्ण वातावरण बनाएगी।
  • राष्ट्रीय विकास में राज्य की बराबर की भागीदारी होगी ।
  • नीति आयोग ज्ञान केंद्र जो कि सुशासन के सर्वोत्तम प्रचलनों के कोष के रूप में एक थिंक टैंक के रूप में कार्य करते हुए सरकार के सभी स्तरों पर ज्ञान व रणनीतिक विशेषज्ञता प्रदान करेगा।  
  • यह कार्यान्वयन संभव बनाने वाला एक सहयोगी मंच है, जो केंद्र और राज्यों के विभिन्न मंत्रालयों को एक साथ लाकर विकासात्मक लक्ष्यों को साझे प्रयत्नों से पूर्ति करेगा।
  • यह केंद्र और राज्यों को धरातल पर लाएगा ताकि हमारे जो उद्देश्य हैं उन को हासिल करने में मदद करेगा।

नीति आयोग की संरचना

अध्यक्ष - प्रधानमंत्री 

उपाध्यक्ष - प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त 

संचालन परिषद :- सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल

नीति आयोग की क्षेत्रीय परिषद :-  विशिष्ट क्षेत्रीय मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रधानमंत्री या उसके द्वारा नामित व्यक्ति, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों की बैठक की अध्यक्षता करता है।

तदर्थ(Ad hoc) सदस्यता और अग्रणी अनुसंधान संस्थानों में बारी-बारी से दो पदेन सदस्य यानी हमारे देश में जो अच्छे रिसर्च संस्थान है वहां से बारी-बारी दो पदेन सदस्य लिए जाएंगे।

पदेन सदस्यत : - प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री परिषद के अधिकतम 4 सदस्य।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) : - भारत सरकार का सचिव जिसे प्रधानमंत्री द्वारा एक निश्चित कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है।

विशेष आमंत्रित: - प्रधानमंत्री द्वारा नामित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ।

नीति आयोग के प्रमुख हब : 

टीम इंडिया हब : - केंद्र और राज्यों को एक साथ लेकर चलना यानी यह केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद का काम करती है ।

ज्ञान और नवोन्मेष(नॉलेज एंड Innovation) :- यह नीति आयोग के "थिंक टैंक" की भांति काम करता है।

नीति आयोग द्वारा दस्तावेज जारी किए गए हैं जिसमें 3 वर्षीय कार्य एजेंडा 7 वर्षीय मध्यम अवधि की रणनीति का दस्तावेज और 15 वर्षीय लक्ष्य दस्तावेज शामिल है यानी :- 

  • 3 वर्षीय दस्तावेज 
  • 7 वर्षीय से दस्तावेज 
  • 15 वर्षीय दस्तावेज का लक्ष्य रखना।

नीति आयोग के उद्देश्य :

  • राष्ट्रीय उद्देश्य के संबंध में राज्यों की सक्रिय सहभागिता से राष्ट्रीय विकास को प्राथमिकता देना एवं रणनीति के प्रति मिलकर काम करना, यानी केंद्र और राज्यों द्वारा मिलकर विकास की प्राथमिकता तय करना जिसमें राज्यों की सक्रिय सहभागिता होनी चाहिए।
  • सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना यह मानते हुए की ''मजबूत राज्य ही मजबूत देश का निर्माण" कर सकते हैं।
  • ग्राम स्तर पर बेहतर काम करना यानी "नीचे से ऊपर" की ओर विकास करना।
  • इसे जो भी विषय दिए जाते हैं जैसे आर्थिक, रणनीति एवं नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा हित शामिल रहे।
  • हमारे समाज में उन वर्गों का विशेष रूप से ध्यान रखना जो आर्थिक प्रगति से पर्याप्त रूप से लाभान्वित नहीं हुए हैं (जो योजनाएं बने उनका लाभ वंचित लोगों तक पहुंचे)।
  •  जो रणनीति व दीर्घकालीन नीतियां है उनका ड्राफ्ट तैयार करना कि यह किस तरह काम करेंगी ।
  • प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय समान सोच वाले थिंक टैंक, साथ ही जो शैक्षिक व रिसर्च संस्थान है उनके बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करना।
  • राष्ट्रीय वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के जो Experts हैं उनके साथ साझेदारी के सहयोग के द्वारा ज्ञान, नवाचार आदि समन्वय बिठाना।
  • जो अलग-अलग विभाग हैं उनके लिए एक मंच के रूप में काम करना।
  • जो धारणीय व सतत प्रणालियों के विकास के क्षेत्र में काम करना जैसे जलवायु परिवर्तन के हिसाब से कैसे सतत विकास होगा, हर योजना में पर्यावरण को कैसे लागू किया जाए, इस पर काम करना।
  • जो कार्यक्रम व पहलें हैं उनके कार्यान्वयन की समीक्षा करना यानी जो योजनाएं हैं उनके कार्यान्वयन की समीक्षा करना।
  • Technology को Add  करना क्योंकि टेक्नोलॉजी विकास के लिए अनिवार्य बन चुकी है।
  • राष्ट्रीय विकास एजेंडे व उपर्युक्त उद्देश्यों के कार्यान्वयन के लिए जरूरी अन्य गतिविधियों को हाथ में लेना।


नीति आयोग क्या है  व इसके कार्य, उद्देश्य क्या हैं?(NITI Aayog in hindi )

niti aayog internship 2023 :- 

niti aayog internship के बारे में आज जानेंगे कि क्या योग्यता है, कौन कर सकता है, इसमें क्या काम करना होता है, Application का क्या process है आदि।

niti aayog internship एक अवसर प्रदान करती है कि आप भारत सरकार के साथ अलग-अलग क्षेत्र में काम कर सकते हो, उसकी पॉलिसी क्या होती है इसको जान सकते हो, उन पर रिसर्च कर सकते हो और इन पॉलिसी को लांच करने के लिये सहायता कर सकते हो।

niti aayog internship की भूमिका और जिम्मेदारी- यह internship कम से कम 6 सप्ताह और अधिकतम 6 माह के लिये ऑफर होती है यानी आप डेढ़ माह से लेकर 6 माह के बीच इन्टर्नशिप को कर सकते हो।

इन niti aayog internship के तहत 26 डिविजन है और आप इनमें से किसी भी डिविजन में काम कर सकते हो और जिस division में आप काम करते हो उसको policy बनाने के लिये इनपुट प्रदान करते हो। 

यानी input का मतलब है कि किसी भी काम को करने के लिये कुछ डेटा, कुछ इन्फोर्मेशन, कुछ रिसर्च की जरूरत होती है तो आपका काम होगा कि आप इस सूचना का source करना, क्यूरेट करना व इकट्ठा करना। ताकि आप जिस व्यक्ति के साथ यह information साझा करो वह सही निर्णय ले पाये। 

इसके लिये बेसिक स्किल रिसर्च और Analysis की जरूरत होती है।

ऑफलाइन Internship - इसमें नीति आयोग के ऑफिस में काम करना होता है या आपको जिस डिविजन में भेजा जायेगा उसमें काम करना होता है और आप जिसको रिपोर्ट करोगे व उस डिविजन के सीनियर पर्सोनल होते है। इसके लिये आपको कम से कम 75 प्रतिशत Attendance जरूरी होती है।

niti aayog internship के लाभ - यह फ्री इन्टर्नशिप है, लेकिन इसके लिये आपको प्राधिकरण द्वारा एक सर्टिफिकेट मिलेगा जिस डिविजन में आपने काम किया होगा। यह भारत सरकार का Authorized सर्टिफिकेट है। इसलिये आप इसे कहीं भी यूज करते हो तो इसका महत्व होता है। इससे आपको बहुत कुछ सीखने को भी मिलेगा।

niti aayog internship Eligibility- इसके लिये यह जरूरी नहीं है कि आप भारत से ही हो, आप बाहर से भी हैं तो भी आप इसके लिये एप्लाई कर सकते हो। इसके लिये जो स्नातक कर रहे हैं या स्नातक कर चुके है या पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके है तो आप इसके लिये योग्यता रखते हो।

इसके लिये यदि आप ग्रेजुएशन कर रहे हो तो आपके 12 वीं 85 प्रतिशत नंबर होने चाहिए और कम से कम आपका गेजुएशन का दूसरा वर्ष होना चाहिए।

यदि आप ग्रेजुएशन कर चुके हो और आप पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे हो तो ऐसे में ग्रेजुएशन में 70 प्रतिशत नंबर होने चाहिए व पोस्ट ग्रेजुएशन के पहला वर्ष पूरा होना चाहिए।

इसके लिये आपके पास खुद का लैपटॉप होना जरूरी है क्योंकि इन्टर्नशिप के दौरान आपको लेपटॉप उपलब्ध नहीं कराया जायेगा।

Application process - सबसे पहले आप www.niti.gov.in/internship. वेबसाइट पर जाओगे, फिर आपको 3 options दिखाई देते है  पहला है apply here 2. track your Application Status here 3. Guidelines. 

apply पर click करके आप इसके लिए अप्लाई कर सकते हो | 

यह internship हर महीने open होती है, लेकिन इसकी एप्लीकेशन 1 से 10  तारिक तक ही open रहती है| 

इसके लिये आप जब भी एप्लाई करना चाहते हो तो आपको इसके लिये 2 से लेकर 6 के बीच पहले एप्लाई करना होता है। 

एक बात और ध्यान रखना आप एक वित्त वर्ष में केवल एक बार ही इसके लिये एप्लाई कर सकते हो।

नीति आयोग के सामने चुनौतियां क्या हैं :- 

  • भारत में जनसंख्यात्मक लाभांश का use कर युवाओं की क्षमता का शिक्षा, कौशल विकास, लैंगिक भेदभाव की समाप्ति तथा रोजगार के माध्यम से पूरा लाभ उठाना, 
  • यानी जनसंख्यात्मक लाभांश चुनौती न बने इसे अवसर में बदलना,
  • गरीबी को खत्म करना प्रत्येक भारतीय के लिए गरिमा पूर्ण जीवन देना, 
  • लैंगिक असमानता जाति व आर्थिक विषमता,
  • गावों को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना, 
  • छोटे व्यवसायियों की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाना ताकि रोजगार के अवसर ज्यादा बढ़े,
  • अपने पर्यावरणीय व  पारिस्थितिकी परिसंपत्ति  की सुरक्षा करना।

नीति आयोग के क्या क्या कार्य होते हैं - इसके कार्यों का को चार भागों में बांटा जा सकता है:-

  1. नीति एवं कार्यक्रमों में फ्रेमवर्क बनाना 
  2. सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना
  3. सब की बातों को सुनना व उसका मूल्यांकन करना
  4. थिंक टैंक के रूप में काम करना (विचार समूह एवं ज्ञान व नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करना।)

नीति आयोग निम्न के संबंध में कार्य करता है:- 

कृषि, आंकड़ा प्रबंधन एवं विश्लेषण, ऊर्जा, वित्तीय संसाधन,

विकास उद्योग, भूमि एवं जल प्रबंधन, नगरीकरण का प्रबंधन, 

शोध, प्रशासकीय परिषद सचिवालय, स्वास्थ्य, मानव संसाधन,
 
प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण, एनजीओ दर्पण, परियोजना मूल्यांकन एवं प्रबंधन संभाग,

सार्वजनिक-निजी भागीदारी, ग्रामीण विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,

कौशल विकास, सामाजिक न्याय, विकेंद्रीकरण, सतत विकास लक्ष्य, शैक्षिक कार्य को कोषांग, महिला व बाल विकास।

नीति आयोग की प्रासंगिकता-

इसकी सबसे बड़ी प्रासंगिकता यह है कि इसने सहकारी संघवाद को अपनाने के साथ-साथ प्रतिस्पर्द्वात्मक व नवाचार संघवाद को बढ़ावा दिया है, 

क्योंकि इसने Sustainable Development Goals के माध्यम से राज्यों के बीच कम्पीटिशन को बढ़ावा दिया है, जिससे आर्थिक विकास में बढ़ोत्तरी हुई है और साथ ही इसने 15 वर्षीय विजन, 7 वर्षीय रणनीति विजन और 3 वर्षीय एक्शन प्लान को अपनाया है।

नीति आयोग भारत के विकास के लिये सभी जगहों से नये और नवाचारी सोच को इकट्ठा करता है साथ ही केन्द्र और राज्य सरकारों व उनके कई मंत्रालयों और विभागों के बीच एकीकरण व समन्वय करने के लिये एक मंच उपलब्ध कराता है। 

यह आयोग भारत के लिये बेहतरी के लिये नये विचार लाता है और इन नवाचारों के माध्यम से उसमें लगातार सुधार भी करता है जिससे नीतियों में प्रगतिशीलता बनी रहती है।

इसकी प्रासंगिकता इस बात से भी पता लगती है कि यह ना केवल थिंक टैंक की तरह काम करता है, बल्कि अटल इनोवेशन मिशन के माध्यम से एक्शन टैंक की तरह भी काम करता है। 

साथ ही यह आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस जैसे रिसर्च को बढ़ावा दे रहा है।

किन कारणों से नीति आयोग कामयाब नहीं हो सका-

हालांकि कई जानकारों का कहना है कि नीति आयोग अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका है

क्योंकि नीति आयोग की स्थापना के पीछे का एक मकसद यह भी था कि जनता की भागीदारी करना, 

लेकिन जिस तरह से श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी में कमी देखी जा रही है यह नीति आयोग पर सवाल खड़ा करता है।

क्षेत्रीय, लैंगिंग और आर्थिक असमानता में वृद्वि होना।

नीति बनाने व उसको लागू करने में केन्द्रकरण का झुकाव ज्यादा होना।

निजी व सार्वजनिक निवेश के संबंध में नीति आयोग की कोई ज्यादा भूमिका नहीं है।

90 प्रतिशत से ज्यादा लोग अभी भी असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

मार्गदर्शक सिद्धांत :-

अंत्योदय :- आसान भाषा में जो व्यक्ति अंतिम पंक्ति में खड़ा हो उसका भी कल्याण करना इसी सोच को ध्यान में रखकर नीति आयोग नीतियां बनाएगा 

समावेशिता :-  असुरक्षित व हाशियाकृत वर्गों को सशक्त बनाना,  पहचान आधारित हर प्रकार के भेदभाव, लिंग, क्षेत्र, धर्म, जाति या वर्ग को समाप्त करना|  

ग्राम :- गांवों का विकास प्रक्रिया से जोड़ना, हमारे नैतिक बोध, संस्कृति की ताकत और ऊर्जा अर्जित करना 

जनसंख्यात्मक लाभांश :-  सबसे बड़ी परिसंपत्ति, भारतीय जन का उपयोग करना शिक्षा, कौशल विकास तथा उत्पादक आजीविका अवसरों के माध्यम से उनको सशक्तिकरण पर ध्यान देना| 

जन सहभागिता :- लोगों की भागीदारी को बढ़ाना | 

सुशासन :- खुले, पारदर्शी, उत्तरदायी, सक्रिय उद्देश्यपूर्ण शासन प्रणाली को बढ़ावा देना|  

सततता :-  पर्यावरण के प्रति सम्मान रखना 

प्रभावी सुशासन के लिए निम्न 7 स्तंभ :-

  1. जन समर्थक एजेंडा जो समाज के साथ-साथ व्यक्ति की आकांक्षाओं को भी पूरा करता हो 
  2. नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखना 
  3. नागरिकों की संलग्नता के माध्यम से सहभागी होना 
  4. सभी पक्षों में महिला सशक्तिकरण 
  5. सभी समूह को समावेशित SC/ST, ओबीसी व अल्पसंख्यक पर विशेष ध्यान देना
  6. युवाओं के लिए अवसर की समानता 
  7. टेक्नोलॉजी के माध्यम से पारदर्शिता बनाना।

सहकारी संघवाद:-  नीति आयोग का गठन सहकारी संघवाद के महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किया गया: 

सहकारी संघवाद की दो प्रमुख विशेषताएं :- 

1. केंद्र व राज्यों द्वारा राष्ट्रीय विकास के एजेंडे पर मिलकर काम करना|  
2. राष्ट्रीय मंत्रालयों के साथ राज्यों के दृष्टिकोण की भागीदारी होना|  

योजना आयोग क्या है?: योजना आयोग की स्थापना मार्च, 1950 में केंद्र सरकार के एक कार्यपालिका संकल्प की सिफारिश पर की गई, 

जो सलाहकार योजना बोर्ड (1946 में गठित) की सिफारिश के अनुरूप थी बोर्ड के अध्यक्ष के. सी. नियोगी थे इसलिए योजना आयोग ना तो संवैधानिक है ना ही वैधानिक निकाय है।

नीति आयोग और योजना आयोग में क्या अंतर है ?:- 

नीति आयोग एक सलाहकार थिंक टैंक के रूप में काम करता है जबकि योजना आयोग में इसका अभाव था, 

नीति आयोग सदस्यों की व्यापक विशेषज्ञता पर जोर देता है जो कि योजना आयोग सीमित विशेषज्ञता पर निर्भर था,

नीति आयोग सहकारी संघवाद पर काम करता है क्योंकि इसमें राज्यों की समान भागीदारी सुनिश्चित की जाती है जबकि योजना आयोग में राज्यों की भागीदारी बहुत कम रहती थी, 

नीति आयोग में प्रधानमंत्री द्वारा सचिवों को CEO के रूप में नियुक्त किया जाता है जबकि योजना आयोग में सचिवों की नियुक्ति सामान्य प्रक्रिया से होती थी, 

नीति आयोग "Bottom-up approach नीचे से ऊपर" पर काम करता है जबकि योजना आयोग "Top-down approach ऊपर से नीचे" पर काम करता था, 

नीति आयोग में धन के बंटवारे की शक्तियां नहीं है जो कि वित्त मंत्रालय के अंतर्गत हैं जबकि योजना आयोग को मंत्रालयों और राज्य सरकारों को धन बांटने की शक्तियां प्राप्त थी।

नीति आयोग द्वारा कौन सी रिपोर्ट प्रकााश्त की जाती है : -

  • SDG  इंडिया सूचकांक
  • बहुआयामी गरीबी सूचकांक
  • भारत नवाचार सूचकांक
  • निर्यात तैयारी सूचकांक 
  • समग्र जल प्रबंधन सूचकांक 
  • स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक
  • राज्य उर्जा सूचकांक
  • जिला अस्पताल सूचकांक

नीति आयोग की गिग एंड प्लेटफॉर्म इकॉनमी रिपोर्ट :- 

हाल ही में नीति आयोग ने ‘इंडियाज बूमिंग गिग एंड प्लेटफॉर्म इकॉनमी‘ रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट ऐसा पहला अध्ययन है जो देश के गिग-प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था के बारे में व्यापक दृष्टिकोण व सिफारिशें प्रस्तुत करता है।

यह रिपोर्ट उन उभरते हुए विभिन्न पहलूओं  जैसे- रोजगार सृजन क्षमता, अवसरों, चुनौतियों आदि पर प्रकाश डालती है और साथ ही यह इस क्षेत्र में श्रमिकों की विभिन्न श्रेणियों के लिये रणनीतिक रूपरेखा को भी दर्शाती है।

रिपोर्ट की प्रमुख बातें-

वर्ष 2020-21 में गिग अर्थव्यवस्था में 77 लाख कर्मचारी कार्यरत थे।

इनका गैर-कृषि कार्यबल में 2.6प्रतिशत जबकि भारत के कुल कार्यबल में 1.5 प्रतिशत योगदान है।

वर्तमान में लगभग 47 प्रतिशत गिग कार्य मध्यम कौशल रोजगार में हैं, जबकि लगभग 22 प्रतिशत उच्च कौशल में तथा लगभग 31 प्रतिशत लो स्किल्ड जॉब में हैं।

गिग कार्यबल की संख्या बढ़कर वर्ष 2029-30 तक 2.35 करोड़ होने की उम्मीद है।

इस अवधि तक देश में गिग कर्मचारियों का गैर-कृषि कार्यबल में 6.7 प्रतिशत या भारत में कुल आजीविका में 4.1 प्रतिशत योगदान होने की आशा है।

इस रिपोर्ट की सिफारिशें-

स्ट्रीट फूड अिद को बेचने के व्यवसाय में लगे स्व-नियोजित व्यक्तियों को प्लेटफॉर्मा से जोड़ना।

सामाजिक सुरक्षा उपायों का विस्तार करना।

गिग और प्लेटफॉर्म कार्यबल के आकार का अनुमान लगाने के लिये एक अलग गणना करना।

गिग श्रमिकों की पहचान के लिये आधिकारिक गणना के दौरान जानकारी इकट्ठा करना आदि।

गिग अर्थव्यवस्था(Gig Economy) क्या है : -

गिग अर्थव्यवस्था में कर्मचारियों को स्थाई तौर पर ना रखकर बल्कि अल्प अवधि के लिये अनुबंध पर रखा जाता हैं।

यानी आसान भाषा में थोड़े समय में लिये नियुक्त किये जाने वाले कर्मचारियों की व्यवस्था को गिग अर्थव्यवस्थ कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर Ola, Uber आदि।

नीति आयोग के निर्माण के आधार- 

राज्यों की भूमिका केन्द्र के बराबर की भागीदारी होना, सहकारी संघवाद के सिद्वांत की स्थापना को कार्यरूप करना।

यह थिंक टैंक के रूप में काम करते हुए सरकार के सभी स्तरों पर रणनीतिक विशेषज्ञता प्रदान करना।

यह कार्यान्वयन संभव बनाने वाला एक सहयोगी मंच है, जो कि राज्यों और केन्द्र को एक साथ लाते हुए विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करना।

भारत एक विविधतापूर्ण वाला देश है, इसके राज्य अपनी शक्ति और कमजोरी के हिसाब से अलग अलग हैं जैसे बिहार और केरल में बहुत ज्यादा अंतर है, इसलिये यह उस राज्य को उसके हिसाब से नीतियां बनाने की कोशिश करेगा।

Questions And Answer :(नीति आयोग से सम्बंधित प्रश्न) 

Q. भारत में नीति आयोग के अध्यक्ष कौन हैं ?:-
A.  भारत में नीति आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, जो कि वर्तमान में श्री नरेंद्र मोदी है, विशिष्ट क्षेत्रीय मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रधानमंत्री या उसके द्वारा नामित व्यक्ति, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों की बैठक की अध्यक्षता करता है।

Q.  नीति का full form क्या हैं ?:-
A.  नीति का full form  (National Institution for Transforming India) है| 

Q. नीति आयोग के वर्तमान CEO कौन हैं 2022?:-
A.  भारत में नीति आयोग के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी(CEO) श्री परमेश्वरन अय्यर है| जो कि 30 जून को श्री अमिताभ कांत के कार्यकाल समाप्त होने के कारण नियुक्त किये गए | 

Q. नीति आयोग के प्रथम उपाध्यक्ष कौन हैं ?:-
A.  नीति आयोग का प्रथम उपाध्यक्ष 2015 में अरविन्द पनगढ़िया  बनाया गया था | 

Q. नीति आयोग के प्रथम CEO कौन हैं ?:-
A.  नीति आयोग का प्रथम मुख्य कार्यकारी अधिकारी(CEO) सिंधुश्री खुल्लर हैं |  

Q. नीति आयोग का गठन कब हुआ? :-
A.  मोदी सरकार द्वारा 2014 में योजना आयोग को भंग कर इसके स्थान पर नए निकाय की स्थापना की घोषणा की गई। नीति आयोग (National Institution for Transforming India) की स्थापना 1 जनवरी 2015 को की गई। 

Q. नीति आयोग की स्थापना कब हुई ? :-
A.  सुशासन को बढ़ावा देने के लिये व राज्यों का सही सहयोग पाने के लिये 13 अगस्त 2014 को योजना आयोग को भंग कर दिया और इसके स्थान पर 1 जनवरी, 2015 को नीति आयोग का गठन हुआ।

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