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Cyber Security in hindi : इसके प्रकार व साइबर सुरक्षा के उपाय, फायदे और महत्व

हम अक्सर सुनते है कि आज इस संस्था पर साइबर अटैक हो गया, उस बैंक पर साइबर पर अटैक हो गया यहां तक कि इसरो व न्यूक्लियर प्लांटों पर भी साइबर अटैक हुए है।

जब भी हम साइबर अटैक की बार सुनते हैं तो हमारे दिमाग में पर्सनल डेटा, ई मेल, जैसी जानकारी आती है जबकि साइबर अटैक इससे काफी बड़ा है। 

आज भारत बढ़ती हुई आर्थिक शक्ति है जिसमें डिजिटल की भूमिका बहुत अहम हो जाती है, क्योंकि भारत में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम डिजिटल पर निर्भर है जैसे बैंकिंग, अस्पताल, रेलवे आदि। बैंकिंग क्षेत्र में 80 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन आज ऑनलॉइन हो रहे हैं। 

जिस तरह से इसरो में 2019 में साइबर अटैक हुआ व न्यूक्लियर प्लांट पर साइबर अटैक से पता लगता है कि यह आम व्यक्ति जो कि अभी-अभी तकनीक की दुनिया में आया है उसके लिये कितना खतरनाक है।

साइबर सुरक्षा क्या है और इसका महत्व  क्या है ? : -

जिस तरह से तकनीकी बढ़ रही है इसी तरह हर field में कंप्यूटर, लैपटॉप का इस्तेमाल किया जा रहा है यानी आज हमारा ज्यादातर काम इंटरनेट के जरिए किया जा रहा है चाहे वह सरकारी सेक्टर हो या प्राइवेट सेक्टर हो। 

पैसों के लेन-देन व अन्य काम के जरिए डाटा का जो आदान प्रदान किया जा रहा है एवं यूजर की डिवाइस जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, टेबलेट सब इंटरनेट से कनेक्ट होती है जिसके चलते इंटरनेट का पूरी दुनिया में बहुत बड़ी संख्या में use किया जा रहा है |

साइबर सुरक्षा क्यों आवश्यक है ?:-  लाखों-करोड़ों यूजर्स इंटरनेट का प्रयोग दिन-प्रतिदिन करते हैं ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है की यूजर्स की सिक्योरिटी पर ध्यान दिया जाए, क्योंकि आए दिन अक्सर देखा जाता है कि Fraud, हैकिंग, वायरस अटैक, डाटा theft आदि की खबरें मिलती रहती हैं इसलिए यूजर्स को सिक्योरिटी प्रदान करना बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है

जिसमे हम महत्वपूर्ण व संवेदनशील डाटा के साथ काम करते हैं उसमें साइबर सिक्योरिटी हमें अपने नेटवर्क या सिस्टम को सुरक्षित करने की परमिशन देती है।

साइबर सिक्योरिटी का प्राथमिक उद्देश्य गोपनीय डेटा की सुरक्षा करना है जिसे केवल authorized यूजर्स द्वारा एक्सेस किया जाना है यानी जिसका कंप्यूटर/सिस्टम है उसके द्वारा ही चलाया जाना।

इंटरनेट यूजर्स को साइबर क्राइम से बचाने के लिए साइबर सिक्योरिटी का प्रयोग किया जाता है जिसमें इंटरनेट यूजर्स को सुरक्षा प्रदान की जाती है|  

वैसे तो आपने साइबर सिक्योरिटी के बारे में सुना होगा लेकिन आज हम साइबर सिक्योरिटी के बारे में पूरी जानकारी देंगे कि - साइबर सिक्योरिटी क्या है?, साइबर अटैक कितने प्रकार के होते हैं? :- 


Cyber Security kya hai : साइबर सिक्योरिटी के प्रकार व साइबर हमलों से बचने के उपाय(Cyber Security in hindi)


Cyber Security kya hai:-  साइबर सिक्योरिटी एक तरह की सुरक्षा है जो इंटरनेट से जुड़े सिस्टम के लिए होती है यह दो शब्दों से मिलकर बना है - 

  1. साइबर 
  2. सिक्योरिटी 

साइबर :- जो कुछ इंटरनेट, टेक्नोलॉजी, डाटा, नेटवर्क, Information, एप्लीकेशन, कंप्यूटर आदि से जुड़ा है, इससे संबंधित हो उसे साइबर कहते हैं|  

यानी आज हम जितना काम इंटरनेट या डिजिटल तरीके से करते हैं जैसे- इंटरनेट का यूज करना, डेटा यूज करना, सोशल मीडिया अकाउंट को यूज करना हो आंदि। मतलब जो चीज हम इंटरनेट के माध्यम से अपने लेपटॉप, मोबाइल में काम करते हैं वे सब चीजे साइबर के अन्तर्गत आती हैं।

जबकि सिक्योरिटी सुरक्षा से संबंधित है जैसे - System सिक्योरिटी, नेटवर्क सिक्योरिटी, एप्लीकेशन सिक्योरिटी, Information Security, शामिल है| 

यानी सिक्युरिटी का मतलब है आज हम जो भी काम इंटरनेट के माध्यम से कर रहे हैं, चाहे वह डेटा ट्रांसमिशन हो, इंटरनेट का यूज करना हो, उसकी सुरक्षा करना। 

साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से हार्डवेयर एंड सॉफ्टवेयर के डाटा को और भी सिक्योर बनाया जाता है। जिससे कि किसी भी तरह के डाटा की चोरी ना हो और सभी तरह के डाक्यूमेंट्स और मोबाइल सुरक्षित रहें।

आज पूरी दुनिया में साइबर क्राइम को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा की जा रही है साइबर सिक्योरिटी के माध्यम से कोई ऑर्गेनाइजेशन हो या कोई व्यक्ति अपने इंपॉर्टेंट डाटा को सुरक्षित रख सकते हैं।

हैकर्स बिना परमिशन के इलेक्ट्रॉनिक Tools की मदद से किसी संस्था या कोई यूजर्स के कंप्यूटर का एक्सेस कर लेते हैं और फिर इनके जो महत्वपूर्ण डाटा व फाइल होती है उसको चोरी करते हैं फिर हैकर्स उनसे पैसे की डिमांड करते हैं ।

इसी तरह इंटरनेट का प्रयोग करके किसी भी तरह का क्राइम करना साइबर क्राइम कहा जाता है और जो यह क्राइम करते हैं उन्हें unethical हैकर्स कहा जाता है 

यानी इंटरनेट का गलत उपयोग करके किसी को नुकसान पहुंचाना, किसी को हानि पहुंचाना, इंटरनेट के माध्यम से किए जाने वाला अपराध साइबर क्राइम कहा जाता है।

साइबर हैकर्स User's  या संस्था की Personal Information, पैसे से जुड़ी बहुत सारी चीजें आदि को एक्सेस करने के लिए कंप्यूटर या इंटरनेट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं | 

यह इंटरनेट का खतरनाक प्रयोग कई तरह के Malicious सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए करते हैं| 

साइबर क्राइम के अंतर्गत ब्लैकमेल करना, कॉपीराइट, क्रेडिट कार्ड की चोरी, Fraud  आदि आते हैं तथा इस तरह के साइबर क्राइम व साइबर हैकर्स से इंटरनेट User's  व  डेटा को बचाने के लिए साइबर सिक्योरिटी को बनाया गया है|  

Cyber Security(साइबर सिक्योरिटी) के लिए कंप्यूटर और इंटरनेट के एक्सपर्ट्स होते हैं जिनके द्वारा साइबर सुरक्षा की जाती है यानी साइबर सिक्योरिटी का मतलब है हमारी ऑनलाइन रखी गई सारी फाइल, मोबाइल डाटा व हमारी ऑनलाइन जानकारी सुरक्षित होनी चाहिए साथ ही हमारा नेटवर्क, एप्लीकेशन भी सुरक्षित होनी चाहिए।

साइबर क्राइम व साइबर अटैक कितने प्रकार के होते हैं :-   हम देखते हैं कि आज पूरी दुनिया, हर काम में इंटरनेट का सहारा ले रही है और ज्यादातर कंपनियां कंप्यूटर डेटाबेस  पर ज्यादा से ज्यादा Information इकट्ठा कर रही हैं | 

जब हम किसी क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड से कोई सामान खरीदते हैं तो इससे हमारी जानकारी, डेटा जोखिम मे होता है अतः हम कह सकते हैं कि इस तरह से कोई गारंटी नहीं होती है कि हमारी जानकारी सुरक्षित रहे।

इस तरह प्रत्येक देश में साइबर सिक्योरिटी के लिए अलग-अलग कानून है जिनका मकसद होता है कि इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना। 

इसलिए हर इंटरनेट यूजर्स को यह जानकारी होनी चाहिए कि हमारे देश में साइबर सिक्योरिटी पर कानून क्या है और साइबर क्राइम कितने प्रकार के होते हैं ताकि जो साइबर सिक्योरिटी के लिए काम कर रहे हैं उन को सूचित किया जा सके।

Viruses :- आपने कंप्यूटर वायरस के बारे में तो सुना ही होगा जो कि एक प्रकार का Malware प्रोग्राम होता है जो विशेष रूप से पीढ़ी आधारित कंप्यूटर होते हैं उन को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया होता है | 

वायरस अपने आप को कॉपी करके यूजर्स की बिना अनुमति के पूरे सिस्टम में फैल कर सिस्टम को संक्रमित कर सकते हैं और इंफॉर्मेशन, डाटा चुरा सकते हैं।

Adware :- यह Malware का एक समूह है जो पॉप मैसेज बनाने के लिए पहचाना जाता है इसमें हैकर लुभाने ads का प्रयोग करके एक सॉफ्टवेयर बनाता है और जब कोई User उस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करता है 

तो हैकर्स उस सॉफ्टवेयर की मदद से यूजर्स के कंप्यूटर को एक्सेस कर लेते हैं जिसके कारण हैकर्स Important डाटा चुरा लेते हैं या डिलीट कर देते हैं।

Trojan Horse :-  यह भी एक तरह का malware प्रोग्राम है जो स्वयं को नुकसान करने वाले सॉफ्टवेयर के रूप में प्रस्तुत करता है 

Trojan हमारे सिस्टम को कंट्रोल कर लेता है और malicious एक्शन को अंजाम देता है ट्रोजन अन्य वायरस की तरह कॉपी तो create नहीं करता है लेकिन यह वायरस को सिस्टम में Install कर सकता है।

यह सिस्टम की फाइल डाक्यूमेंट्स को डिलीट कर सकता है तथा जो इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन है उनको चुरा सकता है और सिस्टम को लोग कर सकता है।

Ransomware  :-  यह भी एक तरह का वायरस होता है जो कि अपराधियों द्वारा लोगों के सिस्टम में कंप्यूटर पर हमला करने के लिए काम आता है और यह कंप्यूटर के अंदर मौजूद फाइल, डाक्यूमेंट्स को काफी नुकसान पहुंचाता है 

और फिर जो अपराधी जब किसी का इस तरह से सिस्टम खराब करता है तो अपराधी इसके लिए रिश्वत मांगता है तो उसके बाद छोड़ता है।

Phishing Email :-  phishing email का यूज़ आमतौर पर यूजर से निजी जानकारी चुराने के लिए किया जाता है यह एक तरह का Fraud होता है क्योंकि इसमें  fraud वाले ईमेल लोगो को भेजे जाते हैं ताकि यूजर को यह लगे कि ये ईमेल किसी Legal  संस्था से आया है।

इस तरह की फ्रॉड ई-मेल जो आते है उनका मकसद होता है जरूरी डेटा को चुराना(जैसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी, लॉगइन, पासवर्ड की डिटेल को चुराना।)

Man in the middle(Mitm) :-  इसमें दो Users  के बीच जो बातचीत होती है उसको अटैक कर कंट्रोल कर लेता है जिससे यूजर्स को कुछ पता नहीं चलता और सभी जानकारियां Attacker के पास पहुंच जाती है।

Cyber stalking  :- यह ज्यादातर सोशल मीडिया साइट्स पर देखने को मिलता है इसके द्वारा गलत मैसेज या ईमेल के द्वारा परेशान किया जाता है, ब्लैकमेल किया जाता है इसमें ज्यादातर छोटे बच्चे या वे लोग जो इंटरनेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं।

Identity theft :- इस तरह का अपराध आजकल काफी देखने को मिलता है इसमें हैकर्स उन यूजर्स को निशाना बनाते हैं जो ऑनलाइन Cash ट्रांजैक्शन और बैंकिंग Services (जैसे Phone pay, पेटीएम आदि) का यूज़ करते हैं।

इसमें हैकर्स किसी व्यक्ति की पर्सनल इंफॉर्मेशन Collect  कर (जैसे अकाउंट नंबर, डेबिट कार्ड इंटरनेट बैंकिंग की डिटेल आदि) पैसा निकालते हैं।

Denial  of Services(Dos)   :-  इसका मुख्य उद्देश्य होता है किसी नेटवर्क या किसी वेबसाइट के ट्रैफिक को कम या ज्यादा कर नेटवर्क सिस्टम को कमजोर करना।

Spoofing :-  इसमें हैकर किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का प्रयोग करके किसी बड़ी कंपनी के सर्वर पर अटैक कर सकता है।

साइबर सिक्योरिटी कैसे काम करता है:-  इसमें Ethical हैकर्स की पूरी टीम होती है जो आपका डाटा डिलीट होना या चोरी होने या आपके किसी भी सिस्टम को नुकसान होने से बचाते हैं।

Ethical हैकर्स की टीम जो लोग साइबर क्राइम करते हैं उनको रोकती है साइबर सिक्योरिटी में आपके कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क, प्रोग्राम और आपके डाटा को Secure रखा जाता है।

Cyber Security kya hai : साइबर सिक्योरिटी के प्रकार व साइबर हमलों से बचने के उपाय(Cyber Security in hindi)


साइबर सिक्योरिटी के प्रकार  :-

ऊपर जो बताए गए अपराधों को रोकने के लिए निम्न साइबर सुरक्षा प्रदान की जाती है:- 

Network Security :-  इसमें mainly Firewall डिवाइस का प्रयोग होता है नेटवर्क सिक्योरिटी कंप्यूटर की पहली परत होती है जिसमें नेटवर्क में आने वाले threats और Attacks को रोका जाता है।

Network Access Control(NAC ) :-  इसमें यूजर्स के अनुसार पॉलिसी बनाई जाती है तथा उनके नेटवर्क से संबंधित अधिकारों को सीमित कर करा जाता है।

Application Security  :- इसमें जो एप्लीकेशन नेटवर्क में यूज़ की जा रही है उन्हें एक सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना होता है ताकि उस एप्लीकेशन में जो कमियां है उनको दूर किया जा सके, यदि यह एप्लीकेशन सुरक्षित नहीं है तो इसे नेटवर्क से बाहर किया जाता है।

Data Loss Prevention(DLP ):-  ( साइबर अपराधों को  कैसे रोका जा सकता है ?) इसमें यूजर का जो डाटा होता है उसे पूरी तरह इनकोड किया जाता है जिसमें  SSL (Secure Sockets Layer) का इस्तेमाल किया जाता है इसमें सूचना या डाटा को अनऑथराइज्ड एक्सेस से दूर करने के लिए Encrypt कर दिया जाता है।

Email Security :-  ई-मेल में होने वाले खतरे को रोकने के लिए ईमेल सिक्योरिटी उपकरणों जैसे Spam filters सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है।

Antivirus  Security :- एंटीवायरस के द्वारा हमारा कंप्यूटर अनेकों प्रकार के वायरेसेस से बचता है क्योंकि हमारे कंप्यूटर में सारी इनफार्मेशन और पर्सनल फाइल्स मौजूद होती हैं इसलिए कंप्यूटर को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी हो जाता है।

साइबर सिक्योरिटी के फायदे :-

इसके द्वारा नेटवर्क पर होने वाले बाहरी खतरों से बचाया जा सकता है ताकि एक आम user's  अपना काम सुरक्षित होकर कर सके, 

साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि यूजर्स को इंटरनेट पर अच्छा Performance  मिले और वे अपने डेटा  के बारे में सुरक्षित महसूस करें जिसके कारण डाटा लीक या चोरी होने का खतरा कम हो जाता है।

इंटरनेट पर हजारों तरह के डेटा डेटाबेस में  रखे जाते हैं जैसे छात्रों के डाटा, व्यापारियों के डाटा, आदि  इस तरह की गोपनीय डाटा को अनऑथराइज्ड पहुंच से दूर रखना ताकि इसका दुरुपयोग ना हो सके इस तरह की गारंटी साइबर सिक्योरिटी का प्रयोग करके मिल सकती है।

कुछ सेक्टर (जैसे मिलिट्री, मेडिकल, वित्तीय, संस्था आदि) ऐसे हैं जो कई तरह के डाटा को इकट्ठा करते हैं और इस डाटा को अपने कंप्यूटर सिस्टम, अन्य डिवाइस इस में रखते हैं 

तथा इन डाटा का कुछ भाग बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है जिसके चोरी होने पर किसी की निजी जिंदगी पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ सकता है इसलिए इस डाटा को साइबर सिक्योरिटी की मदद से सुरक्षित रखा जाता है।

मैलवेयर से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है क्योंकि हमें वायरेसेस, Ransomware,  एडवेयर, Spyware,  threat का खतरा रहता है।

Cyber Security  की मदद से हम अपनी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं जिससे किसी भी तरह  के डेटा के नुकसान होने का खतरा नहीं रहता,

इसकी सहायता से हम अपने नेटवर्क को सुरक्षित रख सकते हैं,

साइबर सिक्योरिटी हमारी पर्सनल जानकारी को एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है ताकि हैकर्स  आपका आर्थिक या मानसिक नुकसान ना कर सके,

जिस तरह से आजकल ऑनलाइन लेन देन काफी प्रचलन में है इसीलिए साइबर सुरक्षा के साथ सुरक्षित लेन देन कर सकते हैं.

ऑनलाइन ठगी की शिकायत कैसे करे ?:- गृह मंत्रालय द्वारा Online Cyber Crime Reporting Portal  शुरू किया गया है  जिसमें आप साइबर crime के लिए रिपोर्ट कर सकते हैं | इसमें आप केवल साइबर क्राइम से सम्बंधित ही रिपोर्ट करें| 

इसमें complaint का process करने के बाद 1 आपके मोबाइल पर acknowledge number  जायेगा जिससे आप अपने status को जान सकते हैं, लेकिन आपको ध्यान रहे कि आपको इसमें गलत information नहीं देनी है, नहीं तो आपकी complaint reject हो जाएगी| 

साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को कैसे करें? :


वर्तमान समय में अनेक सारे युवा साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को करना चाहते हैं लेकिन संपूर्ण जानकारी नहीं होने की वजह से वह अक्सर साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को करने में असमर्थ रहते हैं ऐसे में हम साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को कैसे करें से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे जिसे जानने के बाद आप आसानी से साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को कर सकेंगे। आज वर्तमान समय में ऐसे अनेक सारे तरीके मौजूद हैं जिनके जरिए आप आसानी से साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को कर सकते हैं।


जिसमें एक नाम ऑनलाइन आता है। जी हां आप घर बैठे भी ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को कर सकते हैं वर्तमान समय में अनेक ऐसे प्लेटफार्म मौजूद है जो कि आपको ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी का कोर्स करवाते हैं तो उनके जरिए आप आसानी से साइबर सिक्योरिटी के कोर्स को करके साइबर सिक्योरिटी के बारे में संपूर्ण ज्ञान को हासिल कर सकते हैं वर्तमान समय में आप Coursers, Udemy जैसे एजुकेशन प्लेटफार्म के द्वारा आसानी से कोर्स को कर सकते हैं इसके अतिरिक्त भी अनेक प्लेटफार्म मौजूद है।


ऑफलाइन भी आप साइबर सिक्योरिटी का कोर्स कर सकते हैं ऑफलाइन साइबर सिक्योरिटी का कोर्स करने के लिए आपको बीटेक साइबर सिक्योरिटी, Bachelor of cyber security जैसे कोर्सों को करने की जरूरत रहती है जिसके बाद में आप आसानी से साइबर सिक्योरिटी को सीख जाते हैं कि आखिर में साइबर सिक्योरिटी होती क्या है। अनेक इंस्टिट्यूट के द्वारा आप इन कोर्सों को कर सकते हैं।

साइबर सिक्योरिटी में केरियर क्या है : 

साइबर सिक्युरिटी इंजीनियर कैसे बने :- जिस तरह से लोगों को इंटरनेट व कंप्यूटर पर निर्भरता बढ़ती जा रही है उसी तरह साइबर क्राइम से बचने के लिए साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की मांग बढ़ती जा रही है जिसके कारण साइबर experts  मांग की संभावना बढ़ रही है |

यदि आप भी इस फील्ड में काम करना चाहते हैं तो आप 12वीं के बाद इसके किसी भी कोर्स के लिए एडमिशन ले सकते हैं।

इसे बाद यह 4 साल का कोर्स होता है जिसके बाद आप इस फिल्ड में जॉब पाते हैं, हां इसमें आपको हर वक्त अपडेट रहना पड़ता है।

यदि आप 12वें बाद साइबर सिक्युरिटी इंजिनियर बनना चाहते हैं तो यह आज बहुत डिमांड वाली जॉब है, क्योंकि आज हम इंटरनेट पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गये है, तो ऐसे में इंटरनेट पर उपलब्ध डेटा, प्रोडेक्ट को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी हो गया है, हैकर्स से बचा कर रखना तो ऐसे में साइबर सिक्युरिटी इंजिनियर की भूमिका बहुत अहम हो जाती है।

हर कंपनी को साइबर सिक्युरिटी इंजिनियर की डिमांड दिन-प्रति-दिन बढ़ती जा रही है, क्योंकि हर कंपनी के डिजिटल प्रोडेक्ट, वेब प्रोडेक्ट जो कि इंटरनेट पर निर्भर हैं।

साइबर सिक्युरिटी इंजिनियर बनने के लिये कई तरह की स्किल की आवश्यकता होती है जैसे-
 
Problem Solver : - क्योंकि किसी भी कंपनी में ज्यादातर दिक्कस तकनीक को लेकर आती है, इनका समाधान निकालना के लिये प्रोब्लम सोलवर स्किल की जरूरत होती है।

Quick Learner  :- किसी भी कंपनी में quick learner स्किल की बहुत जरूरत होती है, क्योंकि छोटी-छोटी समस्याएं बहुत आती है जिनका समाधान करने के लिये quick learner स्किल की आवश्यकता होती है।

साइबर सिक्युरिटी इंजीनियर की योग्यता - यदि अपने  12 वां PCM किया है या Computer Science(CS)  से किया है इसके बाद आप  B-Tech Degree में एडमिशन ले सकते हो,  B-Tech Degree में आप CS IT, Trade में आपको ध्यान देना होगा Systems Engineering Profile पर | 

इस Skill के जरिए आप बन सकते हो साइबर सिक्युरिटी इंजीनियर| 

साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में नौकरियों की सूची जैसे :- 

  • chief cyber security officer
  • computer crime investigator
  • cryptographer 
  • network security engineer 
  • security architect 

  • security analyst
  • Penetration Tester
  • Chief Information Security Officer
  • security consultant

  • source code auditor आदि।

Cyber security course After 12th :-

टॉप 5 साइबर सिक्योरिटी कोर्स 12व करने के बाद -

1  B.E in Cyber Security

2. B.Sc in cyber Security

3. B. tech in CSE in networking and Cyber security

4. B.Sc in Cloud and Security

5. BCA in Cyber Security

इन साइबर सिक्योरिटी कोर्स को आप 12 वीं के बाद कर सकते हैं | 

Cyber security Salary : 

यदि आपने कम्प्यूटर में ग्रेजूएशन किया है तो आपके लिये एक्सपर्ट बनना आसान हो जायेगा, क्योंकि इसमें एक्पर्ट बनने में ज्यादा सेलरी मिलती है, वैसे आप इसमें बिना कम्प्यूटर ग्रेजूएशन के भी आप इसमें कोर्स कर सकते हो, लेकिन आपको यदि ज्यादा सेलरी पाना है तो आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

इसमें आपका experience and skill बहुत महत्वपूर्ण होती है और साथ में सर्टिफिकेट हो तो और भी ज्यादा सैलरी मिलने की संभावना रहती है | 

और साइबर सिक्योरिटी consultant में सैलरी ज्यादा मिलती है, जिसमे शुरआत में ही 5 - 6 लाख तक सैलरी मिल सकती है | 

और आप abroad में जॉब करते हो तो आपकी सैलरी और भी ज्यादा होती है इसके लिए आप अपनी education बाहर से कर सकते हो जैसे ग्रेजुएशन या मास्टर डिग्री | 

लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि विदेश में ज्यादा पैसे मिलेंगे तो विदेश में खर्चा भी ज्यादा होता है | 

हैकर्स कंप्यूटर हैक कैसे करते हैं :- 

रोज बड़ी मात्रा में लोग साइबर अटैक का शिकार भी होते हैं, जिनमें भारतीय लोग भी बड़ी मात्रा में इसके शिकार होते हैं, जिन्हें इंटरनेट के माध्यम से साइबर ठगी का शिकार बनाया जाता है।

हाल ही में कई देशों के व्यवसायों और सरकारों को निशाना बनाया गया है इन हम लोग से हैकर्स  सीक्रेट डाटा चुराना चाहते हैं और फिर फिरौती मांगते हैं, 

जैसे - अमेरिका की तेल की सबसे बड़ी कंपनी कॉलोनियल पाइपलाइन को हैकर्स को फिरौती के रूप में 44 लाख डॉलर देने पड़े, इसी तरह भारत की दवा बनाने वाली कंपनी स्पूतनिक वैक्सीन पर भी साइबर अटैक हुआ  

Hacker कंप्यूटर या मोबाइल में किसी भी तरह पहुंच जाता है और सीक्रेट जानकारी चुराता है और इसके बदले फिरौती मांगता है।

अक्सर यह पाया गया है कि हैकर्स किसी संगठन से जुड़े होते हैं और फिर ve बड़ी कंपनियों को निशाना बनाते हैं, साइबर विशेषज्ञों के हिसाब से भारत साइबर अटैक से सबसे ज्यादा प्रभावित है।

विशेषज्ञों के मुताबिक Ransomware हमले भारत में सबसे ज्यादा होते हैं, हैकर Ransomware वायरस से बड़ी कंपनियों को तू निशाना बनाते ही हैं, साथ ही यह आम यूजर्स को भी निशाना बनाते हैं |

चुनौतियां- भारत में ज्यादातर आबादी आज डिजिटल के मामलें में जागरूक नहीं है। जिसके चलते हैकर्स इस चीज का फायदा उठाते है, और साइबर अटैक करते है तथा भारत में ग्रामीण आबादी इस चीज को लेकर ज्यादा जागरूक नहीं है, 

जिससे कोई भी उनको अपना साइबर अटैक के मामले में शिकार बना लेता है, लोग समझ ही नहीं पाते कि इतनी आसानी से कोई उनको नुकसान पहूंचा सकता है।

वर्तमान में जिस तरह से डिजिटल का दौर बढ़ रहा है उसी तरह हैकर्स नये-नये तरीके अपना रहे हैं, इसलिये हमारे सामने जागरूकता की कमी बहुत ज्यादा देखी जा रही है, इसलिये हमें इसके प्रति जागरूक होना चाहिए।

पसर्नल डेटा की समस्या को लेकर, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा राइट टू प्राइवेसी को अनुच्छेद-21 के तहत रखा गया है जो कि एक मौलिक अधिकार है, इसलिये हमे डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा, क्योंकि यदि कोई हमारे साथ घटना होती है तो उससे निपटने के लिये कानूनी रास्ता तो है।

किसी देश द्वारा दूसरे देश पर जानबूझकर साइबर अटैक कराना आज की तारीख में सबसे बड़ा खतरा है जैसे चीन द्वारा किसी दूसरे देश पर साइबर अटैक करना।

साइबर सुरक्षा के उपाय :- 

डॉ पवन दुगल, जो कि सुप्रिम कोर्ट के वकील व साइबर सिक्युरिटी लॉ पर अन्तर्राष्ट्रीय आयोग के चेयरपर्सन है उनका कहना है कि साइबर सिक्युरिटी पर एक अलग मंत्रालय होना चाहिए।

वैसे आस्ट्रेलिया में इसके लिये एक अलग मंत्रालय है जिससे वहां साइबर हमले कम हो जाते हैं। वैसे हमारे देश के प्रधानमंत्री ने भी कहा था कि साइबर सिक्युरिटी पर नई पॉलिसी आनी चाहिए।

डेटा की चौरी को लेकर अक्सर खबरे बनी रहती हैं क्योंकि टिकटॉक जैसे एप्स में इस तरह की खबर सुनने को मिली थी, जिसके चलते भारत सरकार ने कई सारे चाईनीज एप्स को बंद कर दिया था।

सरकार को चाहिए कि जिस तरह से फेसबुक जैसी कंपनियां अपने यूजर्स का डेटा अपने पास रखती हैं जिस पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं होता है तो ऐसे में सरकार पर्सनल डेटा को नियमित करने के कानून बना सकती है।  

साइबर अटैक से बचने के लिये बेसिक ट्रेनिंग की जरूरत है।

COVID के समय साइबर क्राइम बहुत तेजी के साथ बड़ा और इस दौरान आम आदमी इसका आसानी से शिकार हो रहा था जैसे - ऑनलाइन पेमेंट चाहे वह किसी भी माध्यम से हो।

उस उस वक्त चिंता का स्तर बहुत ज्यादा था और जैसे ही कोई लिंक आता था उसको क्लिक कर देते थे जिससे Fishing अटैक होने का डर रहता है |

Fishing लिंक क्लिक करने से आपके फोन का चार्ज ले लेते हैं, जिससे फोन हाईजैक हो जाता है और वह आपकी जानकारी देख सकता है।

इसलिए निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए :- 

  • एंटी वायरस लगाना, 
  • अपना Secure कनेक्शन और वाईफाई लगाना, 
  • VPN का प्रयोग करना, 
  • किसी भी ऐसी लिंक पर क्लिक ना करना जिस पर आपको विश्वास ना हो, क्योंकि यह Fake लिंक हो सकता है, 
  • Administrator लॉग इन किया है तो उसे उतना ही यूज़ करें जितनी देर आप सिस्टम को यूज कर रहे हैं, फिर लोग आउट कर दें, 
  • जहां पर वित्तीय लेन देन करना हो और उस वेबसाइट के URL पर https: बना ना बना हो, तो उस पर जाकर कोई ऑनलाइन शॉपिंग या वित्तीय लेनदेन वगैरह ना करें, 
  • अपडेट सॉफ्टवेयर रखें और लाइसेंस Version का ही यूज़ करें।

साइबर सुरक्षा के तीन स्तंभ कौन से हैं?


व्यक्ति : जितने भी मोबाइल उपयोग करता तथा तथा लैपटॉप कंप्यूटर टैबलेट आदि के उपयोग करता है उन्हें साइबर हमले के बारे में पता होना चाहिए कि आखिर में साइबर हमले को कैसे रोका जा सकता है। और आने वाले साइबर जोखिमों से कैसे पहले ही सुरक्षित रहा जा सकता है। यह सभी पता होने पर ही कोई भी साइबर ट्रेड समस्या का निवारण आसानी से निकाला जा सकेगा।


टेक्नोलॉजी:  साइबर जोखिम को कम करने के लिए या इसके अतिरिक्त एक्सेस कंट्रोल करने के उद्देश्य से सॉफ्टवेयर तथा प्रौद्योगिकी और एंटीवायरस का उपयोग करते हैं।


प्रोसेस: जिम्मेदारियां तथा प्रक्रियाओं को और स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए। जैसा कि वर्तमान समय में साइबर खतरे में बढ़ोतरी ही देखने को मिल रही है ऐसे में नियमित रूप से प्रतिक्रिया ऊपर सोच विचार करना आवश्यक होती है | 

भारत और साइबर सुरक्षा- वर्तमान परिदृश्य 

भारत में जिस तरह से साइबर अटैक बढ़ रहे है वे बहुत ज्यादा चिंता का विषय है तथा कुछ साइबर अटैक ने तो बहुत ज्यादा प्रभावित किया है जैसे एयर इंडिया में हुए साइबर अटैक से लगभग 45 लाख से अधिक ग्राहक प्रभावित हुए अैर हैकर्स द्वारा टीकाकरण पोर्टल कोविन ऐप को भी निशाना बनाया गया था। 

भारत में लोग डिजिटल दुनिया का तरफ बढ़ रहे हैं तो ऐसे में देखना होगा कि जनता इसके प्रति कितनी जागरूक है। जन जागरूकता को बढ़ावा देना है यदि जनता जागरूक नहीं होगी तो वो हैकर्स की चपेट में आसानी से आ जायेगी।

अब भारत में डिजिटल उपयोग तेजी के साथ बढ़ रहा है जैसे भारत में 5जी लांच हो चुका है तो ऐसे में यह जाहिर सी बात है कि साइबर सुरक्षा को लेकर चुनौतियां भी उभरेंगी।

भारत को जो प्रमुख सेक्टर हैं उनकी सुरक्षा करना बहुत जरूरी हो जाता है।

नई साइबर सुरक्षा नीति-

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति 2020 : साइबर अटैक के लगातार बढ़े प्रयोग व हैकर्स द्वारा नये नये तरीकों को अपनाये जाने के कारण व बढ़ते हुए डिजिटलीकरण को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वयक के कार्यालय द्वारा इसे तैयार किया गया है। 

उद्देश्य- इसमें पहले ऑडिट की जायेगी, क्योंकि उसी के द्वारा यह पता चल पायेगा कि कमियां कहां कहां है, फिर उसी के माध्यम से साइबर सुरक्षा और साइबर जागरूकता में सुधार लाया जायेगा।

साथ ही इसके द्वारा जो सूचीबद्व विभिन्न संगठन है, उनकी सुविधाओं और विशेषताओं पर कठोर नजर रखेंगे व इसमें साइबर सुरक्षा की निगरानी के लिये एक सूचकांक का भ जिक्र किया गया है।

साइबर सुरक्षा के लिये एक अलग से बजट का भी प्रावधान है व इसका मकसद है कि विभिन्न संगठनों के बीच तालमेल स्थापित करना।

साइबर सुरक्षा के संबंध में भारत में कानून व पहलें-

  • साइबर सुरक्षित भारत पहल,
  • साइबर स्वच्छता केंद्र,
  • ऑनलाइन साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल,
  • भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र(आई4सी),
  • नेशनल क्रिटिकल इंफोर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर,
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000,
  • राष्ट्रीय साइबर नीति, 2013।

भारत में साइबर सिक्युरिटी का भविष्य -

जैसे कि आपको मालूम है कि आज हर चीज डिजिटल होती जा रही है और उसी तरह मार्केट में साइबर सिक्युरिटी की डिमांड बढ़ती जा रही है। इसी को अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में इसकी ओर भी डिमांड बढ़ने की संभावना है।

यदि आप कॉलेज समय में ही साइबर सिक्युरिटी का कोई कोर्स कर लेते है तो आपको बहुत जल्दी जॉब मिल जायेगी, क्योंकि कंपनी फ्रेशर को लेना जल्दी पंसद नहीं करती, लेकिन जब फ्रेशर में देखती है कि इस पर सर्टिफिकेट है तो इसको कंपनी आसानी से ले लेती है। 

लेकिन आपको नॉलेज तो सीखने पड़ेगी, ताकि आप इस सेक्टर में प्रोग्रेस कर सको।

आगे की राह :- भारत इंटरनेट का उपयोग करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है  हाल ही के दिनों में साइबर अपराध कई गुना बढ़ गए हैं साइबरसिक्योरिटी उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं।

कैशलैस ट्रांजैक्शन बढ़ने के कारण भारत में साइबर सिक्योरिटी सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, 

इसलिए साइबर क्राइम को रोकने के लिए कंप्यूटर के महान विशेषज्ञों  को रखा जाता है जिससे कि कोई भी किसी जरूरी फाइल डाक्यूमेंट्स को हैक ना कर सके ताकि महत्वपूर्ण डाटा सुरक्षित रहे।

Questions and Answer 

Q. साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर - 

गृह मंत्रालय के निर्देश पर पुलिस विभाग ने साइबर अपराध की बढ़ती संख्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया है 

Q. साइबर क्राइम में कितने साल की सजा है ?:- 

साइबर क्राइम के लिए 3 साल तक की सजा का प्रावधान है| 

Q. साइबर सेल  क्या होता है ?:- 

साइबर सेल भी 1 तरह का डिपार्टमेंट होता है जहां टीम होती है जो केवल इंटरनेट से सम्बंधित जानकारी रखते हैं | 

Q. Cyber(साइबर) क्राइम क्या है ?:- 

जब इंटरनेट का प्रयोग करके किसी भी तरह का क्राइम करना साइबर क्राइम कहा जाता है और जो यह क्राइम करते हैं उन्हें unethical हैकर्स कहा जाता है 

यानी इंटरनेट का गलत उपयोग करके किसी को नुकसान पहुंचाना, किसी को हानि पहुंचाना, इंटरनेट के माध्यम से किए जाने वाला अपराध साइबर क्राइम कहा जाता है।

Q. मैं 12वीं के बाद साइबर सुरक्षा अधिकारी कैसे बन सकता हूं ?

आप फॉरेंसिक और आईटी के सेक्टर में कोर्स करने के बाद साइबर सुरक्षा के क्षेत्र मे अपना करियर बना सकते है। 

Q. साइबर क्राइम में कौन कौन से अपराध आते है?

साइबर क्राइम का मतलब है ऑनलाइन अपराध, जिसकी लिस्ट बहुत लम्बी है जिसमें से कुछ निम्न है- 

  • गलत तरीके से कम्प्यूटर सिस्टम में पहूंचना, 
  • डेटा की चोरी, 
  • ऑनलाइन फ्रॉड, 
  • हैकिंग करना, 
  • साइबर उत्पीड़न, 
  • अश्लील सामग्री फैलाना, 
  • ऑलाइन पायरेसी आदि।

Q. दुनिया में कितने हैकर्स है

साइबर हैकर्स की कोई ऐसी फिक्स संख्या नहीं है और इसकी संख्या लगातार बढ़ने पर है इसलिये हम इसका फिक्स डेटा नहीं बता सकते है।

Q. फायरवॉल क्या होता है

यह एक नेटवर्क सुरक्षा करने वाला उपकरण है जो नेटवर्क ट्रैफिक को मॉनिटर और कंट्रोल करता है।

Q. व्यक्ति खुद को ऑनलाइन सुरक्षित कैसे रहे

व्यक्ति को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिये मतबूत पासवर्ड का यूज करना चाहिए, प्रमाणीकरण को सक्षम करे, ऑनलाइन खतरों से बचने के लिये सॉफ्टवेयर को अपडेट रखे।

Q. रैंसमवेयर कैसे काम करता है

यह एक हानिकारक सॉफ्टवेयर है जो एक उपयोगकर्ता के फाइल्स को एन्क्रिप्ट करता है और फिर भुगतान की मांग करता है।

Q. एंटीवायरस कैसे काम करता है

एंटीवायरस सिस्टम से नुकसानदायक सॉफ्टवेयर को पहचानता है और उसे रोकता है और उसे हटाता हे।

Q. एन्क्रिप्शन क्या होता है ?

इसमें द्वारा जानकारी को पढ़ने और उसे समझने के लिये इसे गुप्त कोड बदलने की प्रक्रिया होती है, जैसे आपने WhatsApp पर देखा होगा जो आप चैट करते हो वह गुप्त कोड में बदल दी जाती है जिससे कोई भी इसे एक्सेस नहीं कर सकता।


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