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भारत में किस प्रकार से कृषि की जाती है : भारत में कृषि के प्रकार

हमारे भारत देश में अधिकतम व्यक्ति खेती पर ही निर्भर रहकर अपने जीवन को व्यतीत कर रहे है। विभिन्न प्रकार की कृषि किसानों के द्वारा हमारे भारत देश में की जाती है। अगर आप भी एक किसान है और खेती करते हैं और खेती के प्रकार को जानना चाहते हैं या फिर जानकारी के उद्देश्य से खेती के प्रकार को जानना चाहते हैं तो इसके लिए इस लेख को ध्यान पूर्वक पढ़े।


अलग अलग क्षेत्रों में जलवायु तापमान मिट्टी आदि को देखकर खेती की जाती है। अनेक किसानों के द्वारा निर्वाह खेती की जाती है इसके अलावा अनेक किसानों के द्वारा बागवानी कृषि की जाती है गहन कृषि की जाती है स्थानांतरित कृषि की जाती है व्यापक कृषि की जाती है वाणिज्य कृषि की जाती है गीले भूमि की खेती की कृषि की जाती है एक्वापोनिक्स कृषि की जाती है। इसके अलावा भी अभी और भी अनेक प्रकार की कृषि किसानों के द्वारा की जा रही है।


भारत में किस प्रकार से कृषि की जाती है : भारत में कृषि के प्रकार


भारत में किस प्रकार की कृषि की जाती है


भारत में व्यापक, वाणिज्य, एक्वापोनिक्स, बागवानी, निर्वाह, गहन, कृषि जैसी और भी अनेक प्रकार की कृषियां की जाती है। आगे उनके बारे में आपको विस्तार पूर्वक जानकारी बताई जाएगी इससे आपको खेती से जुड़ी हुई संपूर्ण जानकारी हासिल हो जाएगी।


निर्वाह खेती


निर्वाह खेती को करने के लिए किसान के द्वारा जमीन के छोटे टुकड़ों का चुनाव किया जाता है क्योंकि यह खेती जमीन के छोटे टुकड़े पर ही होती है। जब भी किसानों के द्वारा इस खेती को किया जाता है उस समय मानसून और जमीन को देखा जाता है क्योंकि यह कृषि इन्हीं पर निर्भर करती है। वहीं खेती करने के लिए किसान के द्वारा जलवायु को देखा जाता है और उसके बाद में फसल का चयन कर लिया जाता है और फिर उस फसल की खेती की जाती है।


इस खेती को करने के लिए सबसे पहले जमीन के टुकड़े की वनस्पति को काटने का कार्य किया जाता है और उसके बाद में उसे जला दिया जाता है और उससे जो राख बनती है उस राख को खेती करने के लिए मिट्टी में मिला दिया जाता है और इतना कार्य करने के बाद में फसल उगाने के लिए तैयारी की जाती है और फिर फसल उगाई जाती है। इस प्रकार की खेती से प्राप्त होने वाली फसल केवल और केवल इतनी होती है कि परिवार के सभी सदस्यों का पेट भर सके। अनेक किसानों के द्वारा यह खेती की जा रही है और लगभग पूरे देश में ही आपको यह खेती देखने को मिल जाएगी।


गहन कृषि


गहन कृषि में कम जमीन में अधिक परिश्रम करके और अधिक पैसे लगाकर फसल को तैयार किया जाता है और एक ही भूमि पर अनेक बार फसल उगाई जाती है ताकि अच्छी पैदावार हासिल की जा सके घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अनेक किसान इस खेती को करते है इस खेती को सघन कृषि के नाम से भी जाना जाता है। यह कृषि पैदावार को हासिल करने के लिए तथा जानवरों के लिए दोनों के लिए की जाती है।


बागवानी कृषि


बागवानी कृषि को करने के लिए बड़े क्षेत्र को उपयोग में लिया जाता है क्योंकि यह कृषि बड़े क्षेत्र में ही की जाती है। इस कृषि में ऐसी फसले उगाई जाती है जो की ज्यादा समय वाली रहती है। बागवानी कृषि में नारियल मसाले रबर कॉफी आदि को शामिल किया गया है। जो भी किसान इस खेती को करते है वह इस खेती में अधिक परिश्रम और अधिक पूंजी लगाते है। और अन्य किसान जो भी इस खेती को करना चाहते हैं उन्हें भी ठीक इसी प्रकार इस खेती को करना होगा।


अनेक कंपनियों के द्वारा तथा अनेक अन्य व्यक्तियों के द्वारा इस प्रकार की खेती को करने के लिए कृषि के लिए जमीन लीज पर ली जाती है और फिर आसानी से इस खेती को किया जाता है। कर्नाटक महाराष्ट्र और केरल असम में यह खेती आपको देखने को मिल जाएगी इसके अलावा भी अनेक क्षेत्रों में इस खेती को किया जाता है।


वाणिज्यिक कृषि


वाणिज्यिक कृषि का नाम आपने जरूर सुना होगा इस कृषि को व्यापारिक कृषि के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रकार की कृषि में गेहूं गन्ना मक्का आदि प्रकार की फसलों को उगाया जाता है। अनेक किसानों के द्वारा वाणिज्यिक कृषि को अधिकतम पैदावार हासिल करने के लिए किया जाता है। वर्तमान समय में यह खेती गुजरात उत्तर प्रदेश हरियाणा महाराष्ट्र तथा और भी अनेक राज्यों में की जाती है। अनेक किसान इस खेती को करके तुरंत पैदावार की बिक्री कर देते हैं। और अपनी आवश्यकता अनुसार मिलने वाली राशि को उपयोग में लेते हैं।


गीले भूमि की खेती


हमारे देश में अनेक ऐसे इलाके मौजूद है जहां पर मानसून में भारी बारिश होती है या फिर जो क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। ऐसे इलाकों में ऐसी फसलों को उगाया जाता है जो की पानी की अधिक मांग करती है जैसे कि गाना चावल आदि। इस प्रकार की खेती पश्चिमी घाट पूर्वोत्तर भारत में देखी जा सकती है।


सूखी भूमि खेती


यह खेती शुष्क और रेगिस्तानी इलाकों में वहां पर रहने वाले किसानों के द्वारा की जाती है। इस खेती में ऐसी फसलों को उगाया जाता है जो कि कम पानी में पैदावार दे सकती है जैसे कि बाजरा ज्वार तथा मटर आदि। उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत तथा इसके अलावा शुष्क भूमि इलाकों में अनेक किसानों के द्वारा यह खेती की जाती है।


निष्कर्ष


भारत में किस प्रकार की कृषि की जाती है से संबंधित जानकारी अब आपको हासिल हो चुकी है अब भी यदि आपके पास भारत में किस प्रकार की कृषि की जाती है से संबंधित सवाल है तो उन्हें आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। कृषि से जुड़ी इसी प्रकार की जानकारी को जानने के लिए आप हमारी इस वेबसाइट को भी ध्यान में जरूर रखें इस वेबसाइट पर आपको इसी प्रकार की जानकारियां आगे भी मिलती रहेगी। 


आज इस लेख में हमने विस्तार पूर्वक जानकारी को जाना है ताकि संबंधित लगभग सभी सवालों के जवाब आपको मिले और हमें पूरी उम्मीद है कि आपको अपने सवालों के जवाब अवश्य मिल गए होंगे। दोस्तों अगर आज की जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें।


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