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Current perspectives on politics in hindi(राजनीति पर वर्तमान परिदृश्य )

राजनीति क्या है(What is politics):- जनता के सामाजिक और आर्थिक Level को ऊंचा करना, राज्य की नीति को सही रूप से अमल करना एव शासन में पद प्राप्त करना तथा सरकारी पद का उपयोग करना राजनीति कहलाती है। राजनीति गांवों से लेकर अन्तर्राष्ट्र्रीय Level पर हो सकती है।

Current perspectives on politics in hindi

पराम्परागत(Traditional):- राजनीति में राज्य की प्रधानता(primacy) का मुख्य कारण ‘‘राज्य की गतिविधि‘‘(Activity) में माना जाता था, लेकिन आज के युग में राजनीति में आम लोग और उनके समूह का Participation इतना बढ़ गया है कि राजनीति केवल ‘‘राज्य की गतिविधि‘‘ नहीं रह गयी है बल्कि अब राजनीति विज्ञान(राजनीति में Systematic तरीके से करना या वैज्ञानिक विधि का प्रयोग करना इतना भी नहीं जितना भौतिक विज्ञान में किया जाता है) के रूप में प्रयोग किया जाने लगा है।

राजनीति सिद्वांत(Political theory):- इसमें राजनीति के अलग-अलग पक्षों(Aspects) की Study की जाती है। राजनीति का संबंध सार्वजनिक जीवन(Public life) से है जिसमें सम्पूर्ण समुदाय(Community) आता है ना कि कुछ व्यक्ति या समूह। 

राजनीति(Political Management) में समाज के सारे सदस्यों के लिए सत्ता(Authority) का प्रयोग किया जाता है, सबके लिए नियम बनाना, निर्णय(Decisions) किये जाते हैं, सबके लिए अधिकार(Rights), कर्तव्य(Duties) और दायित्व(Obligations) तय किये जाते है ताकि Public life को उन्नत(Upgrade) किया जाये। राजनीति सिद्वांत में मुख्य कारण यह है कि इनका(निर्णय, नियम आदि) Process कैसे किया जाये, इनके नियमों का पालन कैसे होना चाहिए? 

यह समस्या मानव सभ्यता के शरू से ही चिन्ता का विषय रही है, लेकिन अच्छी बात यह है कि मनुष्य के स्वभाव(nature) में ही जीवन को (Upgrade) करने की संभावना रहती है तथा अन्य प्राणी पशु-पक्षी, कीट आदि प्राकितक के नियमों से बंधकर पैदा होते हैं। 

राजनीति विज्ञान और राजनीति दर्शन(Philosophy):- राजनीति के सम्पूर्ण ज्ञान के लिए ये दोनों एक-दूसरे के पूरक(Complementary) है। राजनीति दर्शन का संबंध इस बात से है कि उत्तम जीवन क्या है,Good life की प्राप्ति कैसे हो? जबकि ये वैज्ञानिक Inquiry का विषय नहीं है। हमें राजनीति के Current Perspectives को समझन से पहले कुछ दृषिकोण(Views) को समझना सही है जैसे कि हम अक्सर NEWS में सुनते या पढ़ते है- Conservative party, Liberal Party, Democracy party, Republic party etc.

उदारवादी  दृषिकोण(Liberal Views):- यह Progressive System की बात करता है, इसलिए यह प्रतिबंधों का विरोध करता है यह Openness में Believe करता है जैसे हमें शुरू से ही यह सीखाया जाता है कि Culture में लड़कियां अच्छा कर सकती है एवं कुछ कामों को केवल लडकें कर सकते है(यह ध्यान देने वाली बात है कि यह बात Gender Inequality की है ना कि Biological Inequality की), आप किसी Particular से संबंधित हो तो आप यह नहीं कर सकते आदि का उदारवादी के द्वारा विरोध किया जाता है। 

रूढ़िवाद दृषिकोण(Conservative Views):-इसमें Freedom की कमी रहती है इनके द्वारा लोग जो कर रहे है सही कर रहे है इनके अनुसार जो पद(Hierarchy) है उसके अनुसार काम करना, जो जिस रूप में है उसमें काम करना।‘‘कोई भी व्यक्ति Perfect नहीं है और उनको Perfect भी नहीं किया जा सकता‘‘ जैसे कोई कार्य परम्पराओं के आधार पर करना, परम्पराओं को मानना।

दोनों Views के अपने-अपने Reason है इनको मानने के। 

लोकतंत्र दृषिकोण(Democracy Views):- लोगों की भागीदारी, लोगों की शक्ति लोकतंत्र के कन्द्र में हैं। 

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आदर्शवाद दृषिकोण(Idealism Views):- आध्यात्मिकता पर जोर देना, सार्वभौमिकता(Universal) में विश्वास करना इसमें Moral Values को महत्व दिया जाता है। शुरूआत में भारत का झुकाव Idealism की तरफ था। 

मार्क्सवाद दृषिकोण(Marxism Views):-लोगों की खुशी के लिए बहुत जरूरी है धर्म का अन्त हो। भौतिकवाद की ओर अग्रसर।कार्ल मार्क्स के कहा है "धर्म लोगों का अफीम" है। यह आदर्शवाद के उलट है। राज्य ना प्राकृतिक संस्था है ना कि नैतिक(Moral)। राज्य उस समय अस्तित्व में आता है जब Private Property दो भागों(धनवान और निर्धन) में बंट जाता है जिसमें धनवान वर्ग Dominant Class बन जाता है।

राजतंत्र दृषिकोण (Monarchy Views):- जहां पर राजा या रानी का शासन हो जैसे- अरब देश, United Kingdom

तानाशाही(Dictatorship Views):-देश का सेनापति, कोई व्यक्ति या छोटे समूह बिना संवैधानिकता(Constitutional Limitation) के वहां की सर को हटाकर खुद शासन कर लेता है यानी तख्तापलट करना जैसे- उत्तर कोरिया, कुछ अरब के देश। 

साम्यवाद दृषिकोण(Communism Views):- उत्पादन के साधनों पर सभी का समान अधिकार होना, इसमें निजी सम्पत्ति नहीं होनी चाहिए, इसमें एक Party या कुछ विशेष समूह द्वारा शासन किया जाता है जैसे चीन। 

गणतंत्र दृषिकोण(Republic Views):- देश का प्रमुख लोगों या उनके द्वारा चुन गये Representatives द्वारा चुना जाता है।


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Current Perspectives:- वैसे तो ये Topic Broad है, लेकिन आज हम India  के Perspectives को समझते है। भारत एक लोकतंत्र देश है जहां पर सभी को लोकतंत्र मे Participate करने का हक है जिसका मकसद देश सेवा होना चाहिए, समाज का आर्थिक, समाजिक विकास होना चाहिए, लेकिन देखा गया है कि ज्यादातर नेताओं का यह Profession हो गया है कि देश सेवा के नाम पर अपना हित सीधा करना इसलिए हमें राजनीति में Mature होना पड़ेगा ताकि राजनेताओं की चाल को समझ सके। 

अक्सर देखा गया है कि लोग जिस राजनीतिक पार्टी की Ideology से संबंध रखते है उसके बारे में गलत विचार नहीं रखते ना ही उसके बारे में अपने विवके(discretion) का इस्तेमाल करते हैं जिसका लाभ नेता उठाते हैं, यही सोच नेता भी Follow करते है 

जैसे यदि किसी कांग्रेस में कुछ गलत हो रहा है तो कांग्रेस का कोई भी नेता इसके खिलाफ नहीं खड़ा होगा, यदि भाजपा में कुछ गलत हो रहा है तो भाजपा का कोई भी नेता इसके खिलाफ नहीं खड़ा होगा, लेकिन इन नेताओं की राजनीति Profession है आपका क्या है?

सही दिशा(direction):- आपको अपने विवके को बेचना नहीं है बल्कि उसको इस्तेमाल करना है, आपके पास एक वोट है इसका इस्तेमाल अपने विवके के साथ करें यदि आपके क्षेत्र में कोई नेता अच्छा चुना जाता है तो आपके क्षेत्र में समावेशी(Inclusive) विकास की शुरूआत हो सकती है 

इस सोच को निकालना पड़ेगा कि राजनीति गन्दी है, क्योंकि फिर आप इसमें Participate नहीं करेंगे तो फिर गन्दी राजनीति को कैसे अच्छा किया जा सकता है? इसलिए आपको राजनीति में Participate करना चाहिए 

जहां तक जातिवाद का सवाल है यह दुनिया के हर देश में मिल जायेगा लेकिन इसका महत्व चुनाव में कितना है यह सोचने वाली बात है। भारत में इसका महत्व है, लेकिन यह कहना कि जाति के आधार पर चुनाव होता है यह भी गलत है, क्योंकि पूरी दुनिया में Naturally भाव है कि हम सामाजिक group है, इसलिए जाति को लेकर ज्यादा चिन्ता नहीं करनी है।                    



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