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Anxiety kya hota hai : चिंता से कैसे निपटे

बैचेनी, घबराहट(Anxiety):- निराशा, दुख के साथ आती है इसमें नकारात्मक सोच, चिंता, डर का आभास रहता है। यदि कोई ऐसी चीज जिससे आपको खतरा हो और आप Unsafe महसूस कर रहे हैं जैसे किसी Exam में अच्छा Performance नहीं करने का डर या किसी और काम से जो चिंता होती है तो ऐसी स्थिति में हमारे शरीर की सारी Energy इकट़ठा होकर Anxiety से लड़ लेती है इस Position तक तो कोई चिंता वाली बात नहीं है, 

What to do in anxiety and tips to reduce anxiety ?

लेकिन यदि Anxiety अपनी हद को पार कर ले जैसे यदि कोई Unsafe महसूस करता हो  Emotionally, physically या अपनी Position को लेकर, लेकिन वह Safe हो सकता है यानी Anxiety एक बीमारी का रूप ले तो ये चिंता की बात है इसके कारण हो सकते है- घबराहट होना(Panic attack) हर वक्त चिन्ता होना, डर और घबराहट महसूस होना, दिल की धड़कन तेज होना, सांस फूलना ये कारण हमें बार-बार होते हैं। 

फिर वह परिवार से, समाज से कतराना शुरू हो जाता है, क्योंकि वह हर वक्त Unsafe महसूस करने लगता है यानी उसकी दुनिया छोटी होने लगती है, जिसके कारण उसे शारीरिक बीमारियां होने लगती है।

चिंता से कैसे निपटे (How to deal with Anxiety)?:-हमें अपने Mind में Anxiety को  हाबी नहीं होने देने की कोशिश करना, जो आपका स्वस्थ Routine है उसको बनाये रखना यानी अपनी नींद सही लेना, Exercise का ध्यान रखना, Diet पर ध्यान देना, जो आपके स्वस्थ Relatives है उनके साथ ज्यादा मिलजुल कर रहना जैसे अपने परिवार, दोस्त, अजीज आदि । तकि आपकी Positive सोच विकसित होती रहे। 

आपको खुद से यह समझना होगा कि जिस चीज के लिए हम Unsafe महसूस कर रहे है, क्या Real में वह चीज Unsafe है भी। जानने की कोशिश करना और हमें  Anxiety Environment को Avoid कर उससे बाहर निकलने की कोशिश करना जैसे-आपको अंधेरे से डर लगता है तो आप अंधरे में जान-बूझकर जाना ताकि हमारा Mind इस डर को Expose कर Normal Position में आ जाये। 

  • हम Medication का प्रयोग कर सकते है, लेकिन यह Medication Excitement को ज्यादा बढ़ावा देती है जिससे हम इसके habitual हो जाते है जो कि Anxiety  का Permanent Solution नहीं है।

  • Anxiety में हमें खुद को काम करना व ध्यान देना होता है चाहे कोई भी सलाह दे लेकिन काम तो खुद को करना होता है

  • Anxiety  से Permanent Solution के लिए Body की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है कि आपकी diet कैसी है यानी आप diet में क्या खा रहे है? आपको स्वस्थ भोजन के लिए प्राकृतिक से प्राप्त direct चीजों का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए जैसे हमें पेड़-पोधों से प्राप्त चीजें, धूप Absorb करना, खुले मैदान में जाना आदि।

  • अस्वस्थ चीजों से बचें एवं ऐसी चीजों के लिए समय निकालें जिसमें आपको शौक है, Regular काम से Break ले सकते हैं, प्राकृतिक जगहों पर जाने का Plan बना सकते हैं। 

  • खुद पर भरोसा रखें, क्योंकि Anxiety आपके दिमाग का खेल है, दूसरे आपके बारे में क्या सोच रहे है इस पर विचार न करें। 

  • Future के  बारे में ज्यादा ना सोचे, क्योंकि दुनिया के सभी लोग इसी उम्मीद में जीते है कि उनका Future अच्दा ही होगा इसलिए Future के बारे में ज्यादा चिंता ना करें। 

  • आप सेवा कार्यों में ध्यान लगा सकते है, दूसरों के लिए आप किस तरह सहायक हैं, इस तरह के काम आपको Energy से भर देंगे, उसके बाद आप खुशी महसूस करेंगे। 

  •  Universe के अस्थाई(Temporary) Formula को समझे, क्योंकि यहा कोई भी चीज Permanent नहीं है जब आपको यह एहसास होगा कि सब कुछ अस्थाई है तो आपके Mind को सूकुन मिलेगा। 

अपने आस-पास सकारात्मक माहौल बनाये रखना है ताकि आपको Positive विचार मिले, जिससे नये-नये रास्तों खुलने की संभावना हो।

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