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भारत की सॉफ्ट पावर क्या है : सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी

सॉफ्ट पावर क्या है  :- अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति व आपसी संबंधों में मजबूती लाने के उद्देश्य से की जाने वाली मदद ही सॉफ्ट पावर है जैसे-

  • प्रशिक्षण देना
  • तकनीक देना(शांति बनाने के लिये)
  • आर्थिक मदद
  • वैज्ञानिक मदद।

किसी राष्ट्र/राज्य की अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करने की क्षमता को शक्ति कहा जाता है। 21 वीं सदी में Soft Power(नम्य शक्ति) विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनकर उभरी है

सॉफ्ट पावर का क्या अर्थ है?- सॉफ्ट पावर शब्द का प्रयोग अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों में किया जाता है जिसके तहत कोई राज्य परोक्ष रूप से(Indirectly) सांस्कृतिक या वैचारिक साधनों के माध्यम से किसी अन्य देश के व्यवहार या हितों को प्रभावित करता है 

इसमें आक्रमक नीतियों या मौद्रिक प्रभावों का प्रयोग किये बिना अन्य राज्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता हैं।

Soft Power की अवधारणा का सर्वप्रथम प्रयोग हार्वर्ड विश्व विधालय के जोसेफ न द्वारा विकसित किया गयाथा।

सॉफ्ट डिप्लोमेसी क्या है :- Soft Power नीति के अन्तर्गत विभिन्न देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है जिसमें यह संबंधों को मजबूत कर विकास में योगदान करती है।

जबकि Hard Power(हार्ड पावर) नीति में एकतरफा कार्यवाही, सैन्य क्षमता को बढ़ावा जैसे कदमों के कारण या आत्यधिक महंगी कठिन एवं चुनौतीपूर्ण हो गयी।

हार्ड पावर की तुलना में सॉफ्ट पावर नीति में संसाधनों का प्रयोग लागत तरीके से हो सकता हैं

डिजिटल क्रांति के वर्तमान युग में राज्यों के बीच सम्पर्क एवं सद्भाव का महत्व बढ़ता जा रहा है इस परिप्रेक्ष्य में सॉफ्ट पावर नीति की भूमिका आत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

साफ्ट पॉवर आसान शब्दों में - किसी भी देश की ऐसी चीज को पूरी दुनिया को प्रभावित करती है जैसे अमेरिका हॉलीवुड के द्वारा पूरी दुनिया में अपनी छवि को रखा गया,, ऐसे ही भारत के लिये भारत की संस्कृति आदि।

भारत की सॉफ्ट पावर क्या है :  सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी

भारत की Soft Power(सॉफ्ट पावर) डिप्लोमेसी क्या है?- 

भारत सदैव सॉफ्ट पावर नीति का समर्थक रहा है एवं अपनी सॉफ्ट पावर नीति के माध्यम से ही विश्व समुदाय में सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है। भारत की Soft Power नीति निम्नलिखित विषयों पर आधारित है-

  • भारत की आध्यात्मिकता, योग दर्शन, धर्म के साथ-साथ अहिंसा लोकतांत्रिक विचारों आदि ने वैश्विक समुदाय को आकृषित किया हैं
  • भारत के पास संगीत, नृत्य, चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला, साहित्य, चिकित्सा आदि की व्यापक सांस्कृतिक विरासत है जिसने अनेक देशों को प्रभावित किया है।
  • भारतीय सिनेमा ने लम्बे समय तक एशिया, अफ्रिका, अन्य क्षेत्रों में भारी संख्या में दर्शकों को भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं उन्हें भारत की तरफ आकृषित करने एवं जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
  • भारत द्वारा प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस(21जून) पर वैश्विक भागीदारी ने भारत की सॉफ्ट पावर कुटनीति को और मजबूत किया है।
  • भारत द्वारा हाल ही में प्रेक्षपित सार्क सेटेलाइट भी भारत की सॉफ्ट पावर कुटनीति का हिस्सा है।
  • भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में अपने सैनिकों को भेजकर विश्व शांति अभियानों में भागीदारी करता है।
  • भारत अपने सांस्कृतिक संस्थानों में निवेश बढ़ाकर पर्यटक, सिनेमा, खेल, कला-संस्कृति आदि को बढ़ावा देकर सॉफ्ट पावर की छवि को और मजबूत कर सकता है।

फिर भी यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सॉफ्ट पावर एवं  हार्ड पावर का उचित समन्वय ही किसी देश को कुटनीतिक बढ़त दिला सकता है। 

सॉफ्ट पावर और हार्ड पावर में क्या अंतर है :- 

हार्ड पावर डिप्लोमेसी(Hard Power diplomacy):- जब कोई देश अपने राष्ट्रहित(National interest) को प्राप्त करने लिए युद्व का सहारा लेता है तो Hard power country कहा जाता है।

सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी(Soft Power diplomacy) :- जो देश कूटनीति के द्वारा अपना प्रभाव जमाना व अपने राष्ट्रहित(National interest) के मकसद को प्राप्त करता है उसे सॉफ्ट पावर कंट्री कहा जाता है।

India's स्ट्रेंग्थ्स & वीकनेसेस इन सॉफ्टपॉवर :


भारत की सॉफ्ट पावर के मजबूतियां में उसकी लंबी इतिहास संस्कृति और सभ्यता का महत्वपूर्ण योगदान है। यह विद्वानों और आम लोगों को भारत आकर आकर्षित करते हैं। 1980 के दशक में प्रसिद्ध थिएटर कलाकार पीटरबर्ग ने महाभारत का नाटक प्रस्तुत किया इसका प्रभाव बहुत धमाकेदार था इस महान भारतीय महाकाव्य ने रातों-रात दुनिया के दूर-दराज क्षेत्रों में लोकप्रियता प्राप्त की।


भारत के धार्मिक पहेलियां से जुड़े हुए योग्य और ध्यान जो अधिकांश देशों में घरेलू शब्दों में बदल गए हैं। योग और ध्यान के स्वास्थ्य लाभों के विषय है आप ही मानता हो गई है भारत सरकार ने ग्लोबल योग दिवस को 21 जून को मनाने के माध्यम से इस विश्वव्यापी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


भारत में धार्मिक पर्यटन हमारे बड़े संबंधों में एक मुख्य कारक है वाराणसी, बद्रीनाथ, केदारनाथ, वैष्णो देवी, अमरनाथ, तिरुपति, सबरीमाला, तंजावुर, आदि जैसे हिंदू धार्मिक स्थलों के अलावा अन्य धर्म स्थलों के लिए भी बहुत सारे लोग आते हैं।


बुद्ध यात्रियों के लिए भारत सबसे पसंदीदा स्थान है क्योंकि भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े अधिकांश स्थान भारत में है। यह पूरे साल भर एशियन संघ के देशों जापान श्रीलंका और म्यांमार से बोधगया और नालंदा में आने वाले स्त्रियों का एक स्थिर प्रवाह रहता है।


भारतीय भोजन विदेशियों के लिए एक मुख्य आकर्षण है। उसकी विविधता और प्रशासनिकता के लिए सर्वसाधारण आकर्षण है दुनिया में कम से कम दो या तीन भारतीय रेस्टोरेंट हर बड़े शहर में है। वह सभी शानदार व्यापार करते हैं। यह मजाक थोड़ी है कि आज कलयुके का राष्ट्रीय व्यंजन चिकन, टिक्की मसाला है।


भारत, वर्तमान में एक महत्वपूर्ण उभरता हुआ शक्ति के चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए इसे कई भूमिकाओं का निभाना होता है। हमारे हित विकासशील दुनिया और प्रमुख शक्तियों के साथ है। कभी-कभी दूसरे लोगों को लग सकता है, कि हम एकत्र दौड़कर और दौड़ करने की कोशिश कर रहे हैं यह भारत के लिए एक संवेदनशील संतुलन कार्य है। जिसे सतत रूप से करना होता है।


भारत की संगीत, नृत्य, कला और वास्तुकला भी बहुत महत्वपूर्ण है। ताजमहल के अलावा विदेशी पर्यटक भारत में हजारों ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों की खोज कर रहे हैं। यह यात्राएं निश्चित रूप से हमारे देश के प्रति उनकी रवैया पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। हमारे संस्कृति का प्रसार करना कोई नहीं बात नहीं है पहले के समय में हम इसे संस्कृत राजनीति कहते थे।


 सॉफ्ट पावर के संबंध में जानकारी(FAQs) :- 

Q. डिप्लोमेसी का मतलब क्या होता है?

A. ऐसी नीति जिससे कोई राष्ट्र्(nation) अधिक लाभ ले सके और अपने अन्तर्राष्ट्रीय संबंध(International Relations) में बढ़त हासिल कर सके।

यहां यह गौर करने वाली बात है कि कूटनीति(diplomacy) का मतलब यह नहीं है कि केवल अपना ही लाभ प्राप्त करना बल्कि इसमें दोनों को लाभ होता है, लेकिन अपना ज्यादा लाभ होता है

उदहारण के रूप में भारत मे Beauty Product का Market बहुत तेजी के साथ फैला, गावं तक पहूंचा इससे भारत को तो लाभ हुआ ही साथ उन बहुराष्ट्रीय कम्पनीज(Multinational Companies)  को भी अधिक लाभ हुआ, क्योंकि उन कंपनियों न भारत के बाजार पर दबदबा(dominate) बनाया।

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