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इंटरनेट ऑफ थिंग्स क्या है और कैसे काम करता है व इसके फायदे नुकसान

IOT full form- IOT full form is Internet of Things(इंटरनेट ऑफ थिंग्स).

वर्तमान में इंटरनेट ऑफ थिंग्स बहुत चर्चा में है, क्योंकि ये उभरता हुआ विषय है इसलिये लोग इसके बारे में कमी ही जानते है और ऐसा भी माना जा रहा है कि एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स नौकरियों को कम कर देंगे, लेकिन साथ ही ये कुछ नई नौकरियों को भी क्रिएट करेंगे।


फिक्की के अनुसार 2025 तक इंटरनेट ऑफ थिंग्स 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था हो जायेगी।


Internet आज जिस तेजी से बढ़ रहा है उसी तेजी से आज हमारा Technology बढ़ रहा है। आज Internet की मदद से इंसान इस Modern दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकता है। 


अगर आज के समय में Internet को हटा दिया जाए तो पूरी दुनिया आज से कई सौ साल पहले पहुँच जायेगी। न जाने कितने अंतरिक्ष में Satellites विलुप्त हो जाएंगे, लोग एक दूसरे से आज जिस तरह से Internet के माध्यम से जानकारी शेयर करते हैं वह बंद हो जायेगा। 


इसलिए Internet के बगैर आज दुनिया की कल्पना करना असम्भव है। ऐसे में आज हम आपको Internet के बारे में एक ऐसे ही टॉपिक के बारे में बताने वाले हैं, जो Internet की दुनिया का भविष्य है। 


भविष्य में आने वाले कई तरह के Machine और Device में इस चीज़ का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी वजह से हर चीज़ बहुत Fast और सही तरीके से होगा, इस Technology का नाम है - Internet Of Things जिसे हम लोग Short में IOT भी कहते हैं। आइये हम आपको इस खास Technology के बारे में बतलाते हैं। 


इंटरनेट ने लोगों को जोड़ने की कोशिश की, जैसे कि आज हम वॉयस कॉल व विडियो कॉल के द्वारा लोगों से जुड़ते है व लोगों के साथ अपना डेटा शेयर करते हैं आदि इसे हम कह सकते है Internet of Human।


IOT में इंटरनेट ऑफ ह्यूमन में Human की जगह Things का प्रयोग किया जाने लगा जिसे हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स(IOT)  कहते हैं, यहां Things को हम डिवाइस के रूप में देख सकते हैं, डिवाइस मतलब कई सारे इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर आदि है और फिर हम इन डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ते हैं।


आसान भाषा में जितने भी हमारे पास डिवाइस होते हैं जैसे एसी, कार, वॉशिंग मशीन, फोन, आदि जब इंटरनेट से जुड़ते है, और ये आपस में अपने डेटा को शेयर करते हैं तो इसी चीज को हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स कहते हैं।


उदाहरण के तौर पर मान लेते हैं कि कोई हार्ट का मरीज है और वह अपने घर पर है, और अचानक में उसके दिल में दर्द होने लगा और उसके हाथ में कोई उपकरण बंधा हुआ, 


जिसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग हो रहा है तो ऐसे में इस उपकरण से जो उस मरीज के पास अस्पताल है उसको सूचना जायेगी कि उस व्यकित के दिल में दर्द हो रहा है व उस मरीज से संबंधित जो जानकारी है, उसकी लोकेशन उस अस्पताल में जायेगी।


इस स्थिति में होगा यह कि जो भी उस अस्पताल को सूचना गयी थी, इस व्यक्ति के संबंध में, तो अस्पताल उस व्यक्ति को लेने के लिये एम्बुलेंस भेजेगा, जितने में एम्बुलेंस उस व्यक्ति हो लेकर आयेगी, 


उस समय में वहां मौजूद डॉक्टर उस व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ समझ जाते है और इतने वह मरीज आता है, जब तक बहुत तैयार हो जाता है और उसका ईलाज आसानी से हो जाता है। यह सब इंटरनेट ऑफ थिंग्स का ही कमाल होता है।


वहीं दूसरी स्थिति होती है कि उसी व्यक्ति को अचानक से दिल में दर्द होने लगता है, लेकिन ऐसे में उसके कोई डिवाइस नहीं है तो ऐसे में उस व्यक्ति को ज्यादा मेहनत व समय देना होगा, क्योंकि उसको फिजिकली रूप से सब काम करने होंगे। 


और जब वह व्यक्ति अस्पताल पहूंचेगा तो अस्पताल में उस व्यक्ति की बीमारी के बारे में कुछ पता नहीं है तो ऐसे में वहां बहुत ज्यादा समय लगता है।


इसका निष्कर्ष यह निकलता है कि जब इंटरनेट ऑफ थिंग्स(IOT) का प्रयोग हुआ तो उस व्यक्ति का ईलाज कितनी जल्दी व आसानी से हो गया वहीं जहां इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग नहीं हुआ वहां कितना ज्यादा समय व मेहनत लगी।



Internet Of Things : इंटरनेट ऑफ थिंग्स क्या है और कैसे काम करता है व इसके फायदे नुकसान : IOT full form: iot kya hai


Internet Of Things(IoT) क्या होता है?

जब शुरुआत में Internet को बनाया गया था, तो Internet का इस्तेमाल इसलिए होता है की Human लोग एक दूसरे से जुड़ सके, तथा Data और Information को Share किया जा सके। इस चीज़ को Internet Of Humans भी कह सकते हैं। 


लेकिन समय के साथ - साथ Technology Advance होते गयी, उसके बाद Internet और Device को मिलाकर ऐसी Technology बनाई गयी जो बिना Human के द्वारा Operate किये बगैर Data और Information को Share किया जा सके, और हालत को देखते हुए जरुरी Action लिया जा सके। इस Technology को Internet Of Things का नाम दिया गया। 


यानी आसान भाषा में इंटरनेट ऑफ थिंग्स जितने भी डिवाइस है वे सब एक सर्वर से जुड़ जायेंगे फिर वहां से हम उस डेटा को कंट्रोल कर सकते है, समझ सकते है व बेहतर डिवाइस बना सकते है,


जैसे आपने घर पर कोई डिवाइस लगा दी और आप इसका यूज कहीं भी कर सकते हो, कि घर में चौरी तो नहीं हो रही यह इंटरनेट ऑफ थिंग्स की शक्ति है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग करके आप अपनी जमीन की देखभाल, अपने सामानों की देख रेख, गार्डन की देखभाल आदि कर सकते हो।

Internet Of Things कैसे काम करती है? :

आइये Internet Of Things के Topic को हम एक उदाहरण से समझते हैं। आपने अगर Iron Man 3 फिल्म देखि होगी, तो उसमे आपने देखा होगा की Tony Stark का घर पूरी तरह से एक Smart House Advanced Technology से बनी हुई रहती है। 


आइये हम आपको Smart House के Example से ही समझाते  हैं की Internet Of Things क्या है और यह कैसे काम करती है। 


एक Smart House में बहुत सारे Features होते हैं, जैसे बहुत से लोग अपने घर में Heater का इस्तेमाल करते हैं जो उनका कमरे के अंदर के Temperature को Maintain करता है, 


अब इसमें आप दो चीज़ कर सकते हैं, पहला ये की आप Temperature को खुद से Adjust कर सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास Smart Device रहे तो वह Machine Auto Sensor की मदद से और Internet पर दी गयी मौसम की जानकारी से Temperature को खुद से Adjust कर देगा। 


मान लीजिये आप घर पर नहीं है और आपके घर में कोई चोर घुस जाए, ऐसे में आपके Camera अगर Smart Camera जो की Internet से Connected होगा, 


तो वह Machine खुद ब खुद आपको और आपके नजदीकी Police Station में Photo और Notification भेज देगी, जिससे की Police Station में आपके घर की Location मिल जाएगी और वे फ़ौरन चोर को पकड़ कर Action ले सकती है। 


उसी प्रकार से अगर किसी के पास Smart Car है और उसका Accident हो जाता है तो ऐसे Case में कई बार Driver किसी को Contact करने के हालत में नहीं होता है और मदद मांगने की हालत में नहीं होता है। 


ऐसे में Smart Car फौरन Police Station और नजदीकी Help Support को सुचना दे देती है की किस जगह पर Accident है, और साथ ही वह इंसान किसी अपने ख़ास व्यक्ति को भी पहले से Select कर के रख सकता है, ताकि उसको Automatic जानकरी प्राप्त हो सके, और वह फौरन मदद के लिए पहुँच सके।  


तो दोस्तों इस तरह से Internet Of Things कई सारे अच्छे काम के लिए इस्तेमाल होते है, और इसकी जरूरत समय के साथ बढ़ती ही जा रही है। 


आइये अब हम आपको इसके कुछ फायदे और नुकसान के बारे में भी बतलाते हैं और साथ में यह भी बतलाते हैं की इसका Future क्या होने वाला है। 


इंटरनेट ऑफ थिंक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?


जैसा कि आज हमारे जीवन को इंटरनेट ऑफ थिंक आसान बना दिया है। इंटरनेट ऑफ थिंक के कारण ही आज हम अपने घर के अनेक उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ने में सफल हो पाते हैं। अगर आपको अपने घर के उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ना है तो आप आसानी इंटरनेट ऑफ थिंक के चलते अपने घर के उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ सकते हैं।


और सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि जिन भी उपकरणों को आप इंटरनेट ऑफ थिंक के साथ जोड़ते हैं उनका उपयोग आप पूरी दुनिया में आवश्यकता पड़ने पर कहीं पर भी कर सकते हैं तथा उन्हें अपनी आवश्यकता अनुसार नियंत्रण कर सकते हैं।


इन सभी के अतिरिक्त अगर आपका किसी भी प्रकार का कोई व्यवसाय है और किसी कारण के चलते आप छुट्टी पर चले जाते हैं तो ऐसी स्थिति में कुछ हद तक यह स्वचालित कर सकता है। इसके तरीके और अनेक सारे कारण है जिसके सभी के लिए इस महत्वपूर्ण माना गया है।


इंटरनेट ऑफ थिंग्स के अनुप्रयोग


डॉक्टरों तथा आईओटी दोनों के लिए इंटरनेट ऑफ थैंक्यू उपयोगी है क्योंकि डॉक्टर इसका उपयोग करके आसानी से पता लगा सकता है कि आखिर में रोग क्या है। यानी कि रोग का पता लगाने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त डॉक्टर दवाओं तथा मरीजों पर नजर रखने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है।


घरों में भी इंटरनेट ऑफ थिंग्स का इस्तेमाल किया जाता हैं। जैसे कि जब हम तकनीकी का उपयोग करते हैं तो दूसरे डिवाइस को कंट्रोल करने के लिए हम इसका उपयोग कर सकते हैं जैसे कि टैबलेट स्मार्टफोन  इसके अतिरिक्त घरों की सुरक्षा के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता हैं। घर में पंखे को चालू तथा बंद करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।


बैंकिंग क्षेत्र में भी वर्तमान समय में आईओटी का उपयोग किया जा रहा है। विश्व की वर्तमान समय में आप आसानी से अपने बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसों को ट्रांसफर करवाते हैं अनेक सारे बैंक से संबंधित कार्य को कर पाते हैं यह केवल और केवल IOT की द्वारा ही संभव हो सका है।

ऑनलाइन सामान खरीदने के लिए तथा मोबाइल रिचार्ज करने के लिए इसके अतिरिक्त ऑनलाइन आनेक सारे कार्य इसकी वजह से ही संभव हो पाए हैं। यहां तक ही सीमित नहीं है इसके अतिरिक्त भी अनेक सारे कार्यों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है वहां पर इसका उपयोग किया जा सकता है तथा किया जा रहा है।

Internet Of Things(IoT) के क्या फायदे हैं?

Internet Of Things कई तरह के फायदे बहुत प्रकार के Sectors में होते हैं, यह हमारी दुनिया को Revolutionize कर रही है। IOT की मदद से हम अपने Surrounding में कई प्रकार की काम को आसान और Effective कर सकते हैं। आइये हम इसके कुछ Advantages के बारे में जानते हैं। 


  • यह किसी कार्य की Efficiency और Productivity को बढ़ा देती है। 

  • IOT की मदद से Quality Of Life, Improved हो रही है। 

  • IOT की मदद से कोई भी काम Safety और Security तरीके से होती है। 

  • IOT एक ऐसी Technology है जो Environment के लिए Sustainability है। 

  • यह एक Cost Saving Technology है। 

  • इस Technology की मदद से Decision Making अच्छे से होती है। 

  • IOT की मदद से हम अपने Gadgets और Devices को Remotely किसी भी जगह से

  • Monitored और Control कर सकते हैं।

  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद के भविष्य में बड़ी मात्रा में नौकरियां उत्पन्न होंगी और

बिजनेस को उत्पादित बनाया जा सकता है। 

  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स आपके काम को जल्दी व सटीक काम करने के साथ ही यह आपके
               टाइम को भी बचाता है।
  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स में आदमी की मेहनत कम लगती है और इसमें गलती भी कम होती है,
                क्योंकि इसमें मानव का हस्तक्षेप कम होता है इसलिये नॉर्मल सी बात है कि यदि किसी
               काम में मानव का हस्तक्षेप कम होगा तो उसमें गलती भी कम होगी।
  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स के द्वारा सिक्युरिटी प्रदान करता है, जैसे यदि कोई घर का मालिक
              किसी काम से बाहर है तो वह अपने घर की सिक्युरिटी वहां से भी कर सकता है इंटरनेट
ऑफ थिंग्स की मदद से।
  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स यूजर्स Friendly है यानी इसको आसानी से यूज किया जा सकता है।

Internet Of Things(IoT) के नुकसान :

इसमें कोई संदेह नहीं है की यह Technology पूरी दुनिया की भविष्य बदल देगी, पर जहाँ पर भी अगर कोई अविष्कार किसी फायदे के लिए होता है तो उसका नुकशान भी होता ही है। उसी प्रकार से Internet Of Things के भी कुछ Drawbacks है जो आपको जरूर से जानना चाहिए। 


  • IOT, Smart Devices पे काम करती है, यानी की इसे अगर कोई Hacker, Hack कर

लेता है
  • तो वह इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। 

  • यह Technology, इंसानो के Job को Replace कर देगी, यानी की इससे बेरोजगारी की

  • समस्या हो सकती है। 

  • इसे हमेसा On रखने के लिए इसे Regular Power Supply करना बहुत जरुरी है,

  • अनयथा आपका नुकशान हो सकता है। 

  • साथ ही इसे Internet से जोड़े रखने के लिए आपको High Speed Internet Connection

  • की जरूरत पड़ेगी। 

  • ये Devices महंगे होते हैं तो आम आदमी या Lower Class People इसे Afford नहीं कर

  • सकते हैं। 

  • यह आपके Privacy को हानि पहुंचा सकता है, आपके जरूरी Data और Information को

  • Leak किया जा सकता है। 

History of IoT in Hindi :

आईओटी शब्द का सबसे पहले प्रयोग 1999 में केविन एश्टन ने किया, इससे भी पहले 1982 में Carnegie Mellon द्वारा एक vending machine को इंटरनेट से जोड़ा गया, जो बता सकती थी कि सोडा ठंडा  है या नहीं | 
 2000 में LG ने पहला स्मार्ट फ्रिज बनाया, फिर 2004 में स्मार्ट घड़ी का अविष्कार हुआ,
2007 में apple का स्मार्ट फ़ोन आया,
2009 में गूगल ने बिना ड्राइवर के कार की टेस्टिंग शुरू की.
2011 में स्मार्ट टीवी आया,
2013 में गूगल लेंस लांच हुआ,
2014 में Echo market में आया,
2015 में टेस्ला की auto pilot cars आयी,
Iot जैसे जैसे सस्ते होते जा रहे हैं उनकी डिमांड वैसे हो बढ़ती जा रही है | 

इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग(iot Applications ):

बढ़ते हुए तकनीक के दौर में इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग कई जगहों पर किया जा रहा है, इंटरनेट ऑफ थिंग्स की तकनीक की सहायता से कई भौतिक वस्तुओं, उपकरणों, व अन्य वस्तुओं को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है, जिसमें रिमोट कंट्रोल की सुविधा मिल रही है, तथा कुछ मुख्य जगहों पर इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग किया जा रहा है जो निम्न हैं-

कृषि क्षेत्र में- इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग कृषि क्षेत्रों में किया जा रहा है, खेतों नमी, तापमान व मिटटी की गुणवत्ता को मॉनिटरिंग, ओटोमेटिक सिंचाई आदि के लिये इंटरनेट ऑफ थिंग्स की तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।

परिवहन में- इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग परिवहन के क्षेत्र में भी किया जा रहा है जैसे स्मार्ट ट्रेफिक सिग्नल व नेविगेशन सिस्टम में इंटरनेट ऑफ थिंग्स के उपकरणों का प्रयोग किया जाता है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में- मेडिकल में भी इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग काफी मात्रा में दिख रहा है जैसे हार्ट रेट मॉनिटरिंग, फिटनेस ट्रैकर आदि की मदद से मरीजों की मॉनिटरिंग के लिये इंटरनेट ऑफ थिंग्स की तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।

स्मार्ट घर में- इसमें घर के उपकरण होते हैं उनको इंटरनेट से कनेक्ट किया जाता है जैसे स्मार्ट लाइट, स्मार्ट लॉक, स्मार्ट सिक्यारिटी सिस्टम में मोबाइल या इंटरनेट से कंट्रोल किया जाता है।

उद्योग के क्षेत्र में- इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग उद्योगों में काफी किया जा रहा है, जिससे उत्पादन मॉनिटरिंग, प्रबंधन के रख रखाव में सुधार की संभावना रहती है।

Internet Of Things का Future क्या है?:

सच कहूं तो अभी तक हम लोग इस Technology का 1% भी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। हालाँकि Internet अब बहुत तेजी से बढ़ रहा है और कोशिश यह की जा रही है की हर Machine और Electronic Device को Internet और AI से जोड़ा जाए, 


ताकि किसी भी काम को Effective और Fast तरीके से किया जाए। इसलिए Internet Of Things का Future बहुत बढ़ेगा, कई प्रकार के Device को Smart Device बनाया जाएगा।


ताकि यह पूरी दुनिया एक दूसरे से Internet से जुड़ सके और सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि Machine इंसान के काम को आसान और फायदेमंद बना सके। 


आने वाले समय में एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की भूमिका एक साथ देखने को मिल सकती है जैसे जब इंटरनेट ऑफ थिंग्स डेटा को इकट्ठा कर लेगा तो फिर इस डेटा का यूज एआई करेगा। यानी जो डेटा इंटरनेट ऑफ थिंग्स इकटठता करती है वह डेटा एआई को दे देती है। फिर AI इस डेटा से आउटपुट निकालेगा, फिर यह आउटपुट का इंटरनेट ऑफ थिंग्स यूज करेगा। 


इसके भविष्य में यह संभावना रहेगी कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स यूजर्स को ज्यादा सुविधाएं दे, जैसे जहां टाइपिंग की जरूरत होती थी वहां आज वॉयस के साथ उस काम को किया जा रहा है और हो सकता है कि आने वाले समय में हमारे सोचने के साथ ही इस काम जोड़ दिया जाये।


भविष्य में यह भी संभावना है कि तकनीक की दुनिया में डिवाइस के साइज को बहुत छोटा कर दिया जाये, लेकिन यह बात भी ध्यान देने वाली है कि डिवाइस का साइज छोटा होने से उसकी शक्ति और क्षमता कम नहीं हेगी बल्कि बढ़ जायेगी। इंटरनेट ऑफ थिंग्स में कम एनर्जी को उपभोग कर ज्यादा प्रदर्शन की बात की जाती है।


इंटरनेट ऑफ थिंग्स से बिग डेटा देखने को मिलेगा क्योंक IT  यूनिवर्स में दिन प्रतिदिन  इंटरनेट ऑफ थिंग्स बढ़ते जा रहे है। जिसके कारण बड़ी मात्रा में डेटा आ रहा है, जिसके लिये बिग डेटा का यूज बढ़ जाते है।


Questions and Answers :

Q. आईओटी की खोज किसने की | 
A. आईओटी शब्द का सबसे पहले प्रयोग केविन एस्टन ने किया | 

Q. full form of iot | 
A.   Full for of Iot is "Internet of Things". Iot का उद्देश्य होता है कि फिजिकल डिवाइस को इंटरनेट के साथ जोड़ना, फिर इसके बाद ये आपस में डेटा को शेयर करते है| 

Q. आईओटी का कौन सा उदाहरण है

वैसे तो आईओटी के कई उदाहरण है जैसे लैपटॉप, मोबाइल, अमेजन इको आदि

Q. IoT की कितनी श्रेणियां है

आईओटी की 3 श्रेणियां हैं 
1. ओद्योगिक आईओटी
2. उपभोक्ता आईओटी
3. एंटरप्राइज आईओटी

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